श्रावणी मेला : मनौती पूरी होने पर 5 साल की लक्ष्मी दे रही दंडवत; 12वें दिन कटोरिया पहुंची, नन्हा यश भी बाबाधाम रवाना
श्रावणी मेले में पांच वर्षीय लक्ष्मी अपने परिवार के साथ मन्नत पूरी होने पर सुल्तानगंज से बाबाधाम के लिए दंडवत ...और पढ़ें

खगड़िया के रंजीत साह ने संतान प्राप्ति पर ली थी बाबा से मन्नत; 29 जुलाई से अजगैवीनाथ धाम से दंडवत यात्रा पर है परिवार
HighLights
पांच वर्षीय लक्ष्मी मन्नत पूरी होने पर कर रही दंडवत यात्रा।
परिवार संग सुल्तानगंज से बाबाधाम के लिए निकली लक्ष्मी।
नन्हा यश भी माता-पिता संग कांवरिया पथ पर उत्साहित।
जागरण संवाददाता, बांका। बाबानगरी देवघर जाने वाले कांवरिया पथ पर इन दिनों आस्था के अनोखे और अद्भुत रंग देखने को मिल रहे हैं। खगड़िया जिले की महज पांच वर्षीय मासूम लक्ष्मी अपने पूरे परिवार के साथ सुल्तानगंज से बाबाधाम के लिए दंडवत यात्रा कर रही है। इस कठिन और दुष्कर सफर में मासूम लक्ष्मी की अटूट आस्था और हौसला कांवरिया पथ से गुजरने वाले हर श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। लक्ष्मी को दंडवत करते देख राहगीर कुछ पल के लिए ठिठक जाते हैं और उसकी भक्ति को नमन करते हैं।
संतान प्राप्ति की मनौती पूरी होने पर 29 जुलाई को शुरू की थी दंडवत यात्रा
खगड़िया जिले के परवत्ता प्रखंड अंतर्गत कबेला गांव निवासी रंजीत साह और उनकी पत्नी मंजू देवी ने संतान प्राप्ति के लिए बाबा भोलेनाथ से मन्नत मांगी थी। मनोकामना पूर्ण होने के बाद दंपती ने सपरिवार दंडवत यात्रा कर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने का संकल्प लिया था।
इसी संकल्प को पूरा करने के लिए रंजीत साह, उनकी पत्नी मंजू देवी, दादा बीरेंद्र साह और 5 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी ने 29 जुलाई को अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) से गंगाजल उठाया। दंडवत देते हुए यात्रा के 12वें दिन सोमवार को यह परिवार बांका जिले के कटोरिया पहुंचा। रास्ते की तमाम कठिनाइयों के बावजूद बच्ची के चेहरे पर गजब का उत्साह नजर आ रहा है।
पटना का नन्हा बम यश भी चंचलता से कांवरिया पथ पर भर रहा उमंग
एक ओर जहाँ खगड़िया की लक्ष्मी अपनी कठोर दंडवत यात्रा से भक्ति की मिसाल पेश कर रही है, वहीं दूसरी ओर पटना का नन्हा बम यश कुमार भी अपनी चंचलता से कांवरिया पथ के माहौल को आनंदमय बना रहा है।
यश अपने माता-पिता राजू कुमार और जयंती देवी के साथ पैदल यात्रा कर बाबानगरी की ओर बढ़ रहा है। लंबी यात्रा की थकान से बेपरवाह नन्हा यश रास्ते भर उछलता-कूदता और 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाता आगे बढ़ रहा है। उसकी इस बाल सुलभ उमंग और मासूमियत को देखकर साथी कांवरियों के चेहरों पर भी मुस्कान तैर जाती है।
