- सदर अस्पताल में एक तिहाई तक कम हो गया ओपीडी मरीज

- चिकित्सक दवा खिड़की से ही मरीज की कर रहे चिकित्सा

फोटो: 15 बीएएन 11

संवाद सहयोगी, बांका : कोरोना का खौफ आम मरीजों पर भी पड़ने लगा है। हालत यह कि मामूली बीमारी वाले लोग संक्रमण की डर से अस्पताल आने से कतरा रहे हैं। चिकित्सक भी ओपीडी में नहीं बैठकर दवा खिड़की से ही मरीज को देख रहे हैं। अस्पताल का फेरा कम लगे चिकित्सक यह भी सोच रहे हैं। मरीजों के मन में यह बात बैठ गई है कि सदर अस्पताल जाओगे, तो कोरोना बीमारी को साथ लेकर आओगे। हाल इस कदर खराब है कि चार दिन पहले तक सौ से अधिक मरीज आ रहे थे। वह अब साठ तक सिमट कर रही गई है।

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ओपीडी आने वाले आधा मरीज संक्रमित

ओपीडी में चिकित्सक की सलाह लेने वाले आधा मरीज संक्रमित मिल रहे हैं। ओपीडी में रोगी की संख्या लगातार कम होने की बड़ी वजह यही है। चार दिन पूर्व ओपीडी की दोनों पाली मिलाकर 142 मरीज आए थे। इसके ठीक तीसरे दिन मरीज की संख्या 64 हो गई। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक भी काफी एहतियात बरत रहे हैं। वे ओपीडी में न बैठकर दवा खिड़की पर बैठ रहे हैं। मरीज को देखने के साथ ही दवा भी हाथों हाथ मिल जा रही है।

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आकस्मिक में मिल रही बेहतर सेवा

सदर अस्पताल के इसरजेंसी में मरीजों को बेहतर सेवा दी जा रही है। आने वाले प्रत्येक मरीज को कोरोना जांच के उपरांत सेवा दिया जा रहा है। शनिवार को ओपीडी सेवा देख रहे डा. विकास सिंह ने बताया कि सदर अस्पताल में कोरोना मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। सभी ओपीडी में मरीजों की संख्या कम हुई है, लेकिन जो मरीज आ रहे हैं, उन्हें बेहतर सेवा दी जा रही है।

Edited By: Jagran