यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
19 सूत्री मांगों को लेकर तंजीम-ए-इंसाफ ने दिया धरना
बांका। ऑल इंडिया तंजीम-ए-इंसाफ के बैनर तले समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना बुधवार को दिया गया।

बांका। ऑल इंडिया तंजीम-ए-इंसाफ के बैनर तले समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना बुधवार को दिया गया। संरक्षक डॉ. नवाब अंसारी की अध्यक्षता में 19 सूत्री मांगों लेकर वक्ताओं ने वर्तमान शासन व्यवस्था पर अपनी भड़ास निकाली। डॉ. अंसारी ने कहा कि जिला में मुस्लिमों की स्थिति बेहद खराब है। लिहाजा, जल्द से जल्द विकास को लेकर नई नीति अपनाई जानी चाहिए।
अध्यक्ष डॉ. अली इमाम ने कहा कि झूठे वादों से काम नहीं चलने वाला है। अगर, किसी अकलियत गरीब भाई के घर की स्थिति देखें तो विकास की सारी बात झूठी लगती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित कई समस्याएं उनको घेरे हुई है। सचिव डॉ. शाहजहां ने कहा कि विकास के साथ समाज का विकसित होना उनका अधिकार है। उन्होंने सभी सदस्यों से एकजुटता बनाकर संघर्षरत रहने की अपील की। कहा कि योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए शासन व्यवस्था को मजबूती से काम करना होगा। वहीं अन्य वक्ताओं ने भी अपनी-अपनी बात रखीं। धरना के बाद जिलाध्यक्ष डॉ. अली इमाम के नेतृत्व में एक शिष्ट मंडल डीएम डॉ. निलेश देवरे से मिलकर 19 सूत्री मांगों को रखा। डीएम ने पहल करने का आश्वासन दिया। साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी को भी खास ताकीद किया। इस मौके पर जिला पार्षद रफीक आलम, रूस्तम अली, मास्टर सालिक, परवेज आलम, डॉ. आरके ¨सह सहित अन्य उपस्थित थे।
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प्रमुख मांगें
- छात्रवृत्ति व नौकरी में आरक्षण प्राप्त हो।
- वक्फ को कब्जे से मुक्त कराया जाय।
-अकलियत कमिशन को संवैधानिक हक प्राप्त हो।
-आतंकवाद संबंधित योजनाओं का हो पुनर्मूल्यांक।
- दलित मुस्लिम को मिले एससी-एसटी का दर्जा।
- विद्यालय में उर्दू शिक्षक बहाल हो।
- कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई जाए।
