बांका। फुल्लीडुमर प्रखंड क्षेत्र के भीतिया पंचायत में पीएचडी निर्मित मिनी जलापूर्ति प्लांट गांव में शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। मुख्य टंकी का पाइप लीकेज होने के कारण सैकड़ों गैलन पानी प्रतिदिन खेत में बह रहा है। प्लांट के पास मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि इसके निर्माण के बाद एक बार भी मरम्मत नहीं की गई है। जिससे प्रतिदिन पानी बर्बाद हो रहा है। मुख्य टंकी के ऊपर ढक्कन नहीं रहने के कारण टंकी में बरसात का पानी अधिक दिनों तक जमा हुआ रह जाने के कारण यह गंदा हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी की सफाई में कई बार मरा छिपकली, मेढक आदि निकाला गया है। नतीजा यह पानी स्थानीय लोग केवल पशुओं के लिए प्रयोग करते हैं। पीएचईडी की लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन वर्षों से इसकी हालत खराब है। लेकिन कोई इसका सुधि लेने नहीं आया। ग्रामीण रामविलास राणा, मुकेश वर्णवाल, गोपाल वर्णवाल, गुरुदयाल वर्णवाल आदि ने बताया कि गांव में मिनी प्लांट का शुद्ध पेयजल सिर्फ सीमित घरों तक ही पहुंचता है। पाइप एवं टंकी में दरार होने के कारण टंकी कभी भर ही नहीं पाता है। जिससे कि दूसरे टंकी में पानी भरे और पूरे गांव में पेयजल की सप्लाई हो।

Posted By: Jagran

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