बांका। एकीकृत उद्यानिक योजना शुष्क क्षेत्र के तहत जिले में पहली बार व्यापक पैमाने पर फलों की खेती की जाएगी। इसके लिए उद्यान विभाग की ओर से योजना तैयार की गई है। करीब 83 हेक्टेयर में अनार, शरीफा, नीबू, संतरा और बेर की खेती की जानी है। इसके लिए किसानों को अनुदान भी दिया जाएगा।

प्रखंड उद्यान पदाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि चांदन एवं कटोरिया प्रखंड की सीमा झारखंड से लगी है। देवघर से सटे होने के कारण इस इलाके में फलों की खेती की संभावना है, क्योंकि, देवघर में सालों भर फलों की खूब मांग रहती है। इससे यहां के किसान आसानी से अपने फलों की बिक्री कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि जिले में पहली बार बढ़े पैमाने पर फलों की खेती की जाएगी। इससे पहले यहां के किसान अपने स्तर से फलों की खेती करते थे। एकीकृत उद्यानिक योजना शुष्क क्षेत्र के तहत राज्य के आठ जिलों का चयन किया गया है।

इसमें बांका के अलावा औरंगाबाद, भागलपुर, गया, जमुई, कैमूर, नवादा और रोहतास में फलों की खेती की जानी है। फलों की खेती के लिए सरकार की ओर से अनुदान भी दिया जाएगा। सभी तरह के फलों के लिए अलग-अलग अनुदान देने का प्रावधान है।

अनार के लिए 11 हजार 778 रुपये मिलेंगे प्रति एकड़

अनार के लिए 11 हजार 778 रुपये प्रति एकड़, शरीफा के लिए 13 हजार पांच सौ रुपये, नीबू के लिए आठ हजार 164 रुपये, संतरा के लिए छह हजार 168 रुपये और बेर के लिए पांच हजार 850 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिए जाएंगे। प्राथमिकता के आधार पर चांदन एवं कटोरिया प्रखंड में इसकी खेती की जाएगी। यहां के किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा धोरैया और रजौन के कुछ इलाके में भी इसकी खेती की जाएगी।

Posted By: Jagran

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