बांका। प्रखंड क्षेत्र के जाखा लौगाय पैक्स में किसानों को ऋण दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस बाबत ऋणधारी विनय प्रसाद ¨सह, प्रीतेश कुमार, रीना देवी, बीरेन्द्र कुमार ¨सह, उमेश प्रसाद ¨सह ने डीएम सहित को-ऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक को आवेदन दिया है। आवेदक ने आरोप लगाया कि वर्ष 2008 में तत्कालीन पैक्स अध्यक्ष मिहीलाल ¨सह ने ग्रामीणों से ऋण दिलाने के नाम पर आवेदन लिया था। सभी ऋणधारकों से हस्ताक्षर कराते हुए किसी से पांच हजार तो किसी को सात हजार रुपये दिए थे। इसके बदले उसके नाम पर 12 से 15 हजार ऋण स्वीकृत करा कर पैसा नहीं दिया। जिसकी जानकारी से ऋणधारक वंचित रहे। लेकिन भागलपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की धोरैया शाखा से 12000 मूलधन केसीसी ऋण का नोटिस मिलते ही लोग आश्चर्य चकित हो गए। सभी ने डीएम सहित बैंक को आवेदन देकर जांच कराने की मांग की है। इधर, बैंक के शाखा प्रबंधक प्रेमचंद्र प्रभाकर ने बताया कि आवेदक द्वारा दिए गए आवेदन की जांच करने पर पाया गया कि बीरेन्द्र कुमार ¨सह के नाम पर 15000 हजार रुपये ऋण है। जिसकी राशि की निकासी उनके द्वारा वाउचर से की गई है। दस वर्ष के बाद उन्हें बैंक से नोटिस भेजे जाने पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। उधर पैक्स अध्यक्ष ने भी आरोप को बेबुनियाद बताया है।

Posted By: Jagran

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