बांका। बॉलीवुड के नामचीन फिल्म निर्देशक एवं लेखक इकबाल दुर्रानी का रविवार को एक होटल में आयोजित सम्मान समारोह में अंग वस्त्र देकर उन्हें सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देव भाषा संस्कृत में लिखे सामवेद का उर्दू रूपांतर किया जाएगा। कहा कि हर धर्म महान है। मन को साफ कर पढ़ें। तब ही ग्रंथ का सार को लोग ग्रहण कर कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि वे अपनी फिल्म की शू¨टग के लिए एटा शहर गया था। जहां यज्ञोपवित की शू¨टग करनी थी। वहां पता चला कि गुरुधाम है। उसी दौरान वहां के प्रधानाचार्य से मिले थे। इसके बाद उन्हें लाल रंग के कपड़े में लिपटे ऋग्वेद, अथर्ववेद और सामवेद की पुस्तक भेंट की थी। तभी उन्होंने इन वेद शास्त्रों को उर्दू में रूपांतर करने का निर्णय लिया था। कहा कि, सामवेद दुआ की शक्ल में है। 1980 में संस्कृत मंत्रों का उर्दू में अनुवाद कर चुका हूं। जल्द ही इसका एडि¨टग कर प्रकाशन कराया जाएगा। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पशु पालन पदाधिकारी डॉ. आरएन ¨सह ने इन्हें वेद दूत कह कर संबोधित किया। समाजसेवी शिव कुमार अग्रवाल, कांग्रेस नेता संजीव कुमार ¨सह, कम्युनिस्ट नेता बांके बिहारी, गुरुधाम के प्राध्यापक कैलाश झा, श्यामाकांत पाठक, व्यवसायिक संघ अध्यक्ष राजीव कुमार ¨सह, जय कुमार ¨सह, राजाराम पाठक आदि ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन मदन मेहरा एवं संयोजन चंदन कुमार ने किया। मंच संचालन हरिनारायण ने किया। जानकारी हो कि इकबाल दुर्रानी ने बॉलीवुड के दर्जनों फिल्म में सफलतापूर्वक निर्देशन व संवाद लेखन किया है।

Posted By: Jagran

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