काली गाड़ी से आकर बंद कमरे में बनाते थे फर्जी आधार! बांका में DM प्रियरंजन का छापा; लैपटॉप समेटकर भागे जालसाज
Banka Fake Aadhaar Center: बांका शहर के मसुरिया मोहल्ले में एक अवैध आधार कार्ड केंद्र का भंडाफोड़ हुआ, जहां जिला ...और पढ़ें

Banka Fake Aadhaar Center: बांका के मसुरिया में चल रहे फर्जी आधार सेंटर पर जिला प्रबंधक की छापेमारी, सामान समेटकर भागे जालसाज
HighLights
बांका में अवैध आधार केंद्र का भंडाफोड़।
छापेमारी के दौरान बिचौलिए उपकरण लेकर फरार।
जिला प्रबंधक ने अधिकृत केंद्रों पर जाने की सलाह दी।
संवाद सहयोगी, बांका। Banka Fake Aadhaar Center: बांका शहर से बिल्कुल सटे मसुरिया मोहल्ले में काफी समय से चल रहे एक अवैध और फर्जी आधार कार्ड केंद्र का भंडाफोड़ हुआ है। मंगलवार को गुप्त सूचना मिलने पर जिला प्रबंधक प्रियरंजन ने दल-बल के साथ सीधे मौके पर धावा बोल दिया। हालांकि, प्रशासनिक टीम की भनक लगते ही बंद कमरे में आधार केंद्र चला रहे बिचौलिए लैपटॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर और अन्य तकनीकी उपकरण समेटकर भागने में सफल रहे।
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, हर महीने तीन से चार दिन एक काले रंग के चारपहिया वाहन से तीन युवक यहां आते थे। वे मोहल्ले के एक बंद कमरे में अस्थायी सेटअप लगाकर स्थानीय लोगों का नया आधार कार्ड बनाने और सुधार करने का काम करते थे। किसी को भी यह अंदेशा नहीं था कि ये युवक सरकारी नियमों को ताक पर रखकर पूरी तरह फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।
पूछताछ में बगलें झांकने लगे युवक, मौका पाकर फरार
मंगलवार को जब जिला प्रबंधक प्रियरंजन को इस अवैध केंद्र के संचालन की पुख्ता जानकारी मिली, तो वे बिना समय गंवाए स्वयं मौके पर जांच करने पहुंच गए। कमरे के भीतर मौजूद युवकों से जब केंद्र संचालन की अनुमति, यूजर आईडी और आधिकारिक दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ की गई, तो वे कोई भी वैध साक्ष्य या संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
बांका शहर से सटे मसुरिया मोहल्ले में लंबे समय से अवैध और गुप्त रूप से संचालित हो रहा था फर्जी आधार केंद्र
महीने में 3-4 दिन काली गाड़ी से आकर बंद कमरे में लोगों का आधार कार्ड बनाते थे तीन अज्ञात युवक
गुप्त सूचना पर जिला प्रबंधक प्रियरंजन ने मारा छापा, टीम को देखते ही लैपटॉप व मशीनें लेकर फरार हुए बिचौलिए
जिला प्रबंधक ने फर्जी केंद्र की पुष्टि की; बोले— सरकारी व अधिकृत केंद्रों पर ही बनवाएं आधार, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जैसे ही उन्हें आभास हुआ कि उच्चाधिकारी मौके पर आ पहुंचे हैं, वे हड़बड़ी में लैपटॉप, वेबकैम और अन्य सामग्री बैग में भरकर पीछे के रास्ते से भाग निकले। इस तरह घनी आबादी से सटे इलाके में अनधिकृत रूप से आधार से जुड़े बायोमेट्रिक व संवेदनशील डेटा का संकलन किसी बड़े आपराधिक षड्यंत्र अथवा साइबर फ्रॉड की ओर इशारा कर रहा है।
केवल अधिकृत केंद्रों पर ही जाएं: जिला प्रबंधक
मामले की पुष्टि करते हुए जिला प्रबंधक प्रियरंजन ने बताया कि मसुरिया मोहल्ले में संचालित यह आधार सेंटर पूरी तरह गैरकानूनी और फर्जी था। टीम के पहुंचते ही संलिप्त युवक उपकरण लेकर भाग खड़े हुए। उन सभी की पहचान की जा रही है और उनके वाहन नंबर तथा स्थानीय संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गिरोह के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी बहकावे में न आएं। आधार कार्ड केवल सरकार द्वारा अधिकृत बैंकों, डाकघरों, प्रखंड कार्यालयों या प्रमाणित सीएससी केंद्रों पर ही बनवाएं, ताकि उनके व्यक्तिगत व बायोमेट्रिक विवरण सुरक्षित रह सकें।
