बांका के देवीगढ़ कुड़रो दुर्गा मंदिर से अनोखी परंपरा, एक करोड़ से सज रहा मां का धाम, 70 साल से है यह अद्भुत परंपरा
Banka Bounsi Kudro Durga Puja Booking: बिहार के बांका जिले के देवीगढ़ कुड़रो दुर्गा मंदिर में दुर्गापूजा के लिए यजमान ...और पढ़ें
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Banka Bounsi Kudro Durga Puja Booking: बांका जिले के बौंसी प्रखंड स्थित देवीगढ़ कुड़रो मिर्जापुर दुर्गा मंदिर।
HighLights
देवीगढ़ कुड़रो दुर्गा मंदिर में 2037 तक यजमान बुकिंग पूरी।
70 वर्षों से लॉटरी प्रणाली द्वारा यजमान का निष्पक्ष चयन।
दुर्गापूजा का बजट ₹7 लाख से अधिक, भव्य मंदिर निर्माण।
संवाद सूत्र, बौंसी (बांका)। Banka Bounsi Kudro Durga Puja Booking: बिहार के बांका जिले अंतर्गत बौंसी प्रखंड के देवीगढ़ कुड़रो मिर्जापुर दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा के प्रति भक्तों की आस्था और समर्पण की एक ऐसी अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है, जो अपने आप में दुर्लभ है।
यहां दुर्गापूजा का संपूर्ण खर्च उठाने और मुख्य यजमान बनने के लिए श्रद्धालुओं में ऐसी होड़ है कि वर्ष 2037 तक की अग्रिम बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद लगभग 25 श्रद्धालुओं के आवेदन अब भी प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में दर्ज हैं, जो अपनी बारी आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
70 वर्षों से निरंतर जारी है लॉटरी से यजमान चयन की परंपरा
मंदिर की स्थापना के साथ शुरू हुई यह पावन परंपरा पिछले सात दशकों (70 वर्षों) से निरंतर और निर्बाध रूप से चली आ रही है। मुख्य यजमान का चयन किसी पैरवी या धनबल से नहीं, बल्कि लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाता है। चयनित यजमान पूरे नौ दिनों तक मंदिर परिसर में सपरिवार उपस्थित रहकर पूजा-अर्चना संपन्न कराते हैं और पूरे धार्मिक उत्सव का संपूर्ण आर्थिक दायित्व संभालते हैं।
देवीगढ़ कुड़रो दुर्गा मंदिर: एक नजर में
स्थान: देवीगढ़ कुड़रो मिर्जापुर, प्रखंड- बौंसी, जिला- बांका (बिहार)।
अनोखी विशेषता: दुर्गापूजा का संपूर्ण खर्च उठाने हेतु वर्ष 2037 तक यजमान की अग्रिम बुकिंग।
प्रतीक्षा सूची: 25 श्रद्धालुओं के आवेदन वर्तमान में वेटिंग लिस्ट में।
चयन प्रक्रिया: लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी चयन।
आयोजन बजट: ₹7 लाख से अधिक (प्रतिमा, वैदिक अनुष्ठान, भव्य पंडाल, विद्युत सज्जा व महाभंडारा)।
शुरुआती दौर में इस धार्मिक आयोजन पर 20 से 25 हजार रुपये खर्च होते थे, लेकिन वर्तमान समय में महंगाई और आयोजन की बढ़ती भव्यता के कारण यह बजट बढ़कर 7 लाख रुपये से अधिक हो चुका है। इस पूरी धनराशि से मां की भव्य प्रतिमा का निर्माण, विशाल पंडाल, आकर्षक विद्युत सज्जा, वैदिक आचार्यों का अनुष्ठान, दक्षिणा और वृहद महाभंडारे की व्यवस्था की जाती है।
बंगाल और झारखंड से भी मन्नत लेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु
देवीगढ़ दुर्गा मंदिर की ख्याति केवल बांका जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड के दुमका, गोड्डा, देवघर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक फैली हुई है। दूर-दराज से आने वाले भक्त यहां अपनी मनोकामनाओं की अर्जी लगाते हैं और मन्नत पूरी होने पर सहर्ष यजमान बनने का संकल्प लेते हैं।
मन्नत पूरी होने के उपरांत वर्ष 2021 में कोलकाता निवासी भानु शंकर मिश्रा ने पूजा का पूरा खर्च वहन किया था। वहीं, पिछले वर्ष कुड़रो के श्याम मिश्र ने यह जिम्मेदारी निभाई थी, जबकि इस वर्ष (2026) पबड़ा गांव के सुजीत यादव मुख्य यजमान के रूप में पूरे उत्सव का दायित्व संभाल रहे हैं।
एक करोड़ की लागत से बन रहा भव्य मंदिर
लगभग सात से आठ हजार की आबादी वाली कुड़रो पंचायत में स्थित इस सिद्ध पीठ के मंदिर का वर्ष 2024 से भव्य जीर्णोद्धार कार्य युद्धस्तर पर जारी है। करीब एक करोड़ रुपये के अनुमानित बजट वाले इस भव्य मंदिर निर्माण में अब तक 60 से 70 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
पूजा समिति के अध्यक्ष दिनेश यादव, सचिव संजीव पांडे और कोषाध्यक्ष रामप्रकाश यादव के मार्गदर्शन में पूरी संचालन समिति इस गौरवशाली और ऐतिहासिक परंपरा को सहेजने व उत्सव के सफल संचालन में दिन-रात जुटी हुई है।
