बांका [जेएनएन]। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बांका में तकनीकी शिक्षा की बेहतरी के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे बांका उन्नयन कार्यक्रम को बिहार के सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को चांदन चलाशय परियोजना (चांदन डैम) का निरीक्षण करने यहां आए थे। उन्होंने कहा कि चांदन डैम में गाद की बड़ी समस्या है। इसे दूर करने के लिए शीघ्र ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम यहां आएगी। उसमें एनआईटी , भवन निर्माण विभाग व ङ्क्षसचाई विभाग के इंजीनियर सम्मिलित रहेंगे। वह टीम गाद उड़ाही के साथ उसके उपयोग का रास्ता भी सुझाएगी।  

इसके पहले सीएम ने कड़ाके की धूप में करीब एक घंटे तक चांदन डैम का निरीक्षण किया। पूर्व में इंजीनियर रहे सीएम नीतीश कुमार ने इसकी समस्या और चल रहे निर्माण कार्य की बड़ी बारिकी से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चांदन डैम में गाद की बड़ी समस्या है। इसकी उड़ाही के लिए सरकार काम करेगी, ताकि वह किसानों के लिए अधिक लाभकारी बन सके।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से चांदन डैम पर 57 करोड़ की योजना से चल रहे विभिन्न विकास कार्यो की भी जानकारी ली। सिंचाई विभाग के अभियंता प्रमुख रामपुकार रंजन ने सीएम को बताया कि इस डैम से फिलहाल बांका और भागलपुर के 68 हजार हेक्टेयर खेती योग्य भूमि की सिंचाई हो रही है।

जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने से इसकी सिंचाई क्षमता लगभग दो हजार हेक्टेयर और  बढ़ जाएगी। 1967 में बने चांदन डैम की जल धारण की क्षमता एक लाख 10 हजार घनफीट फीट है। लेकिन इसमें गाद की समस्या के कारण अभी इसमें 38,500 घन फीट ही पानी है। उन्होंने जानकारी दी कि चांदन जलाशय का जीर्णोद्वार कार्य 2019 के अगस्त तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 1.93 करोड़ की लागत से वहां आईबी का भी निर्माण किया जाएगा। 

सीएम ने पर्यटन की दृष्टि से इस डैम के विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने  बताया कि आवंटित राशि से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए डैम के आसपास के हिस्सों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बौंसी के सुखनियां बीयर के जीर्णोद्धार के काम का भी जायजा लिया। बाद में चांदन डैम स्थित आईबी में अभियंता प्रमुख ने सीएम को चांदन डैम के प्रजेंटेंशन दिखाए। 

वहीं, डीएम कुन्दन कुमार ने बांका उन्नयन का प्रजेंटेशन दिखाया। डीएम ने बताया कि मेरा मोबाइल, मेरा विद्यालय की तर्ज पर जिले के 40 उच्च विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चलाए जा  रहे हैं। इससे आठवीं से दसवीं कक्षाओं तक के छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें 10वीं से 12वीं कक्षाओं के छात्रों के लिए क्रैश कोर्स की भी व्यवस्था है। इस अवसर पर टीसीएस में सलेक्शन हुए पांच युवाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।  

 

Posted By: Kajal Kumari

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