जागरण संवाददाता, बांका : इस पंचायत चुनाव में जिला परिषद बांका का चेहरा बिल्कुल बदल गया है। पुराने केवल सात सदस्य ही सदन में दुबारा लौट सके हैं। 18 पार्षदों को जनता ने नकार दिया। पिछली सदन की तुलना में इस बार 18 नया चेहरा सदन में दिखेगा। इसमें 16 चेहरा पहली बार चुनाव जीतकर आया हुआ है। सात पुराने चेहरे के साथ दो चेहरा ऐसा है जो इससे पहले कभी सदन का सदस्य रहा है। बीच में वे सदन के सदस्य नहीं थे। यानी इस सदन में 16 चेहरा बिल्कुल नया दिखेगा।

धोरैया से जीते रफीक आलम सबसे पुराने सदस्य होंगे। पत्नी के साथ वे लगातार पांचवीं बार एक ही सीट से जीते हैं। इसके अलावा पूर्व अध्यक्ष सिपल देवी लगातार चौथी बार सदन सदस्य बनीं है। राजेंद्र यादव और नीलम सिंह पूर्व में सदन के सदस्य जरूर रहे हैं, मगर बीच के काल में वे सदस्य नहीं थे। हालांकि नीलम और राजेंद्र में एक समानता यह है कि दोनों बांका जिला परिषद के पूर्व में उपाध्यक्ष रह चुके हैं और बीच में सदन के सदस्य नहीं थे। इस बार दोनों की फिर से वापसी हुई है। दोनों इस बार फिर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की रेस में आगे बढ़े हुए हैं। नए चेहरों में दो पूर्व उपप्रमुख सुजाता बैध और बलजीत सिंह बिट्टू शामिल हैं। सुजाता बैध इसके पहले मुखिया भी रह चुकी हैं। इसके अलावा सभी नये चेहरा को पंचायत चुनाव जीतने का पहला मौका हासिल हुआ है।

--------------- लगातार दूसरी बार जीते पार्षद रफीक आलम-धोरैया

सोनी सिंह- धोरैया

सुमन पासवान-रजौन

मनोज बाबा- बांका

सिपल देवी-बाराहाट

सुनील कुमार सिंह-बेलहर

प्रीति सिंह-बेलहर पहली बार जीते पार्षद शारदा देवी, अंजू कुमारी, गायत्री देवी, अंजना देवी, काजल देवी, प्रीतम कुमार साह, सुजाता बैध, पूजा कुमारी, कल्पना कुमारी, ²ष्टि कुमारी, अमर कुमार हेम्ब्रम, राघवेंद्र सिंह, मुकेश सिंह, मोना मिश्रा, बलजीत सिंह बिट्टू, विश्वजीत दिपांकर।

Edited By: Jagran