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मवेशियों का चारागाह बनेगा रनवे! CM सम्राट की पहल से बांका में फिर जगी हवाई सफर की आस

Published: Mon, 17 Aug 2026 09:53 PM (IST)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल से बांका में हवाई कनेक्टिविटी और हेलीपैड विकसित करने की उम्मीदें फिर से जाग उठी ...और पढ़ें

बांका में हवाई सेवा की दशकों पुरानी मांग को मिली नई उम्मीद (AI Generated Image)

बांका में हवाई सेवा की दशकों पुरानी मांग को मिली नई उम्मीद (AI Generated Image)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने बांका में हवाई सुविधा विकसित करने का निर्देश दिया।

  2. दशकों पुरानी हवाई सेवा की मांग फिर से जीवंत हुई।

  3. हवाई सेवा से पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

संवाद सूत्र, बांका। बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और क्षेत्रीय विकास को रफ्तार देने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल के बाद जिला वासियों की बरसों पुरानी हवाई सफर की उम्मीदें एक बार फिर जीवंत हो उठी हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से बांका सहित राज्य के अन्य जिलों में हवाई सुविधा और हेलीपैड विकसित करने की संभावनाओं पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया है। इस घोषणा के बाद अब जिले के लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहा बांका का हवाई अड्डा जल्द ही नए स्वरूप में आएगा।

दरअसल, जिले में हवाई सेवा की मांग दशकों पुरानी है, लेकिन हर बार प्रशासनिक सुस्ती के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाता रहा। करीब तीन साल पहले जिला प्रशासन ने लकड़ीकोला स्थित हवाई अड्डे की करीब 20 एकड़ भूमि की मापी और सीमांकन का कार्य पूरा कराया था।

उस वक्त ऐसा लगा था कि अब जिले के लोगों को बहुत जल्द हवाई सफर की सौगात मिल जाएगी। जमीन की मापी पूरी होने के बाद उम्मीद थी कि तुरंत इसकी घेराबंदी कर बुनियादी ढांचे का निर्माण शुरू होगा, लेकिन सीमांकन के बाद फाइलें फिर से ठंडे बस्ते में चली गईं।

हवाई अड्डे की 20 एकड़ बेशकीमती जमीन के चारों तरफ बाउंड्री नहीं होने के कारण यह क्षेत्र पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है। दिन के समय जहां आसपास के गांवों के मवेशियों के लिए यह मैदान एक खुला चारागाह बना रहता है।

विकास को लगेंगे पंख

स्थानीय व्यवसायियों का मानना है कि हवाई सेवा शुरू होने से जिले की तस्वीर बदल सकती है। मंदार पर्वत जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल की वजह से यहां साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।

इसके अलावा, ओढ़नी डैम सहित अन्य पर्यटक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। हवाई सेवा शुरू होने से सुदूरवर्ती क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और उद्योग जगत को एक नई संजीवनी मिलेगी। सबसे अहम यहां पर बुनकरों को भी फायदा होगा।

लोगों ने क्या कहा:-

अधिवक्ता मनीष कुमार ने कहा कि हवाई सेवा की शुरुआत जिला वासियों की पुरानी मांग है। मुख्यमंत्री की घोषणा बेहद स्वागत योग्य है। प्रशासनिक सुस्ती के कारण कार्य रुका हुआ था, लेकिन अब हवाई अड्डे की चारदीवारी के निर्माण और अन्य सुविधाओं का विकास होगा।

व्यवसायी रितेश चौधरी ने कहा कि हवाई संपर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की पहली शर्त है। यहां पर अच्छी कनेक्टिविटी न होने से बड़े निवेशक यहां आने से कतराते हैं। यदि यहां हवाई सेवा शुरू होती है, तो व्यापार को नई उड़ान मिलेगी।

क्रांति कुशवाहा ने कहा कि तीन साल पहले 20 एकड़ जमीन का सीमांकन होने के बावजूद घेराबंदी नहीं हो सकी। हवाई अड्डे की जमीन मवेशियों का चारागाह बन चुका है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इसके विकास की एक बार फिर उम्मीद जगी है।

वहीं, अधिवक्ता अभिजीत चौधरी ने कहा कि जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल मंदार पर्वत पर देश-विदेश से सालों भर पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। हवाई सेवा शुरू होने से यहां पर पर्यटकों की संख्य और बढ़ेगी। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

सुमित कुमार ने कहा कि शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। हवाई पट्टी के खुले होने से इसकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है, जिस पर आज तक जिला प्रशासन या संबंधित विभाग द्वारा कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया गया।