बांका में खुलेंगे 10 किसान ड्रोन बैंक, ₹500000 तक मिलेगा अनुदान; ₹1000000 होगी 1 यूनिट की लागत
जिले में खेती को आधुनिक बनाने के लिए 10 किसान ड्रोन बैंक स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को कीटनाशक और उर्वरक छिड़काव के लिए स्थानीय स्तर पर ड्रोन सेवा मिलेगी।

बांका में खुलेंगे 10 किसान ड्रोन बैंक, ₹500000 तक मिलेगा अनुदान (AI Generated Image)
HighLights
बांका में 10 किसान ड्रोन बैंक होंगे स्थापित।
किसानों को ड्रोन सेवा पर 5 लाख तक अनुदान।
खेती में आधुनिकता और युवाओं को रोजगार मिलेगा।
संवाद सूत्र, बांका। खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए जिले में पहली बार 10 किसान ड्रोन बैंक स्थापित किए जाएंगे। कृषि यांत्रीकरण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसकी स्वीकृति दी गई है। इन केंद्रों के शुरू होने से किसानों को अपनी फसल में कीटनाशक, तरल उर्वरक सहित अन्य कृषि कार्यों के लिए ड्रोन सेवा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।
किसानों को ड्रोन खरीदने के बजाय आवश्यकता के अनुसार कस्टम हायरिंग सेंटर से सेवा लेने की सुविधा मिलेगी।
राज्य सरकार की योजना के अनुसार प्रत्येक किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की परियोजना लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
कृषि क्षेत्र में स्नातक आवेदकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम पांच लाख रुपये, जबकि गैर-कृषि स्नातक आवेदकों को 40 प्रतिशत, अधिकतम चार लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इस व्यवस्था से युवाओं के लिए ड्रोन आधारित कृषि सेवा को रोजगार के अवसर के रूप में विकसित करने का रास्ता भी खुलेगा।
कम समय में बड़े क्षेत्र में होगा छिड़काव
कृषि प्रधान जिला होने के कारण यहां पर ड्रोन सेवा शुरू होने से किसानों को फसल प्रबंधन में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। पारंपरिक तरीके से कीटनाशक या तरल उर्वरक के छिड़काव में अधिक श्रम और समय लगता है।
ड्रोन के माध्यम से कम समय में बड़े क्षेत्र में एक समान तरीके से छिड़काव किया जा सकेगा। इससे मजदूरी और समय दोनों की बचत होगी तथा किसान जरूरत के समय फसल का उपचार करा सकेंगे।
रजौन में किया जा रहा उपयोग
ड्रोन का अभी उपयोग रजौन के उपरामा गांव के किसान कर रहे हैं। किसान रूपेश चौधरी ने बताया कि खेतों में कीटनाशक और तरल उर्वरक के छिड़काव के लिए ड्रोन की सुविधा मिलने से किसानों को समय और लागत दोनों में बचत होती है। पारंपरिक तरीके से बड़े क्षेत्र में छिड़काव करने में अधिक मजदूर और कई घंटे लगते हैं।
वहीं ड्रोन के माध्यम से कम समय में अधिक क्षेत्र में छिड़काव किया जा सकता है। इससे मजदूरों पर होने वाला खर्च कम होने के साथ किसान का समय भी बचेगा। खासकर धान, गेहूं, मक्का, सब्जी सहित अन्य फसलों में जरूरत के अनुसार समय पर छिड़काव करना आसान होगा।
इस साल जिले को 10 ड्रोन बैंक स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक किसान विभाग के पोर्टल पर जाकर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही अन्य कृषि यंत्रों के लिए भी आवेदन शुरू हो गया है। - रजनीश रंजन, उप निदेशक, कृषि यांत्रिकरण
