विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बांका में शिक्षकों का असमान बंटवारा: झारखंड सीमा पर बहार, पहाड़ी इलाकों में सिर्फ एक-दो गुरुजी के जिम्मे स्कूल

Published: Sat, 04 Jul 2026 09:08 AM (IST)

बांका जिले में शिक्षकों का वितरण असमान है, जहाँ झारखंड सीमा से सटे क्षेत्रों में शिक्षक अधिक हैं, वहीं दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में शिक्षकों की भारी कमी है।

AI Generated Image

AI Generated Image

HighLights

  1. बांका में शिक्षकों का वितरण अत्यधिक असमान पाया गया है।

  2. झारखंड सीमा से सटे क्षेत्रों में शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर है।

  3. दूरस्थ पहाड़ी इलाकों के विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है।

जागरण संवाददाता, बांका। शिक्षा विभाग शिक्षकों की एक समान तैनाती के लिए रेशलाइजेशन और ट्रांसफर का अभियान चला रही है। मौजूदा समय में बांका में शिक्षकों की तैनाती असमान है। बांका में झारखंड सीमा से लगे इलाकों में शिक्षक राष्ट्रीय औसत से भी अधिक संख्या में तैनात हैं।

प्रखंड में झारखंड सीमा से लगे विद्यालयों में शिक्षकों की सबसे अधिक तैनाती है। जबकि झारखंड सीमा से दूरी बढ़ते जाने के साथ ही शिक्षकों की तैनाती की स्थिति खराब होती गई है। यानी झारखंड सीमा से सटे बाराहाट, धोरैया और बौंसी में शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय स्तर से भी बेहतर है। जबकि झारखंड सीमा से दूर वाले बेलहर और कटोरिया के बड़े हिस्से में शिक्षकों की तैनाती सबसे कम है।

इससे जंगल और पहाड़ वाले इलाके में बच्चों की पढ़ाई मुश्किल हो गई है। इस इलाके के कई विद्यालय प्रतिनियुक्ति के जुगाड़ से चलाया जा रहा है। चांदन पश्चिम और बेलहर का अधिकांश हाई और इंटर स्कूल केवल आधा दर्जन शिक्षकों के सहारे चल रहा है।

कई प्राइमरी और मीडिल स्कूल एक से दो शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। राष्ट्रीय मानक के मुताबिक 30 बच्चों पर एक शिक्षक आदर्श स्थिति है। लेकिन सर्वाधिक 15 सौ शिक्षक वाले धोरैया प्रखंड में छात्र-शिक्षक अनुपात केवल 25-1 है। बाराहाट में शिक्षकों का औसत 24 हो गया है।

इससे उलट बेलहर प्रखंड में शिक्षक तैनाती का हाल सबसे बुरा है। यहां 42 बच्चों पर एक शिक्षक है। चांदन प्रखंड में शिक्षक-छात्र अनुपात तो ठीक है। मगर इसका भौगोलिक अध्ययन करें तो देवघर से सटे स्कूलों में और कटोरिया बाजार तक मुख्य सड़क पर शिक्षकों की तैनाती का अनुपात 25 के आसपास हो गया है। जबकि चांदन के ही बेलहर से लगे सूईया, सिमुलतला से लगे स्कूल, जिलेबिया पहाड़ से नीचे शिक्षकों की संख्या बहुत खराब है।

शिक्षा विभाग के घोषित मानक मंडल के मुताबिक धोरैया, बाराहाट और बौंसी प्रखंड से बड़ी संख्या में शिक्षकों को रेशलाइजेशन में कम शिक्षक वाले प्रखंड में भेजा जा सकता है। अमरपुर, बांका, शंभुगंज, रजौन में शिक्षकों की तैनाती करीब-करीब राष्ट्रीय मानक के मुताबिक है। जिला का छात्र-शिक्षक अनुपात 33-1 है।

प्रखंड शिक्षकों की संख्या बच्चों पर एक शिक्षक
अमरपुर 1132 37
बांका 1277 33
बाराहाट 1150 25
बेलहर 728 42
बौंसी 1088 29
चांदन 1016 31
धोरैया 1569 28
फुल्लीडुमर 629 38
कटोरिया 1023 40
रजौन 1082 36
शंभूगंज 907 35

यह भी पढ़ें- LNMU में विवादों में घिरी नामांकन प्रक्रिया, बिना प्रैक्टिकल वाले सब्जेक्ट में छात्रों से ₹600 वसूलने का आरोप

यह भी पढ़ें- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में पीएचडी नामांकन ठप, 831 छात्रों का भविष्य दांव पर

शिक्षकों की तैनाती और स्थानांतरण पूर्व में ही राज्य स्तर से किया गया है। धोरैया और बाराहाट में अधिक शिक्षक तैनात हैं। बेलहर में शिक्षकों की सबसे अधिक कमी है। छात्र-शिक्षक अनुपात ठीक करने के लिए विभागीय स्तर से शिक्षकों की रेशलाइजेशन प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही कमी वाले इलाकों में शिक्षक उपलब्ध हो जाएगा।

-

देव नारायण पंडित, जिला शिक्षा पदाधिकारी, बांका