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मंदार पर्वत छेड़छाड़ कांड: एक्शन में बांका पुलिस, बाइक से पहरा देगी और जिले में 25 जगह CCTV भी लगेंगे

Published: Wed, 30 Sep 2026 01:41 PM (IST)

मंदार पर्वत पर युवती से बदसलूकी के बाद बांका पुलिस एक्शन में आ गई है। एसपी अमितेश कुमार ने जिले ...और पढ़ें

बांका में प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर तैयार किया गया हाईटेक सुरक्षा प्लान।

 बांका में प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर तैयार किया गया हाईटेक सुरक्षा प्लान।

HighLights

  1. मंदार पर्वत पर बदसलूकी के बाद बांका पुलिस एक्शन में।

  2. 25 पर्यटन व धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई।

  3. CCTV कैमरे और बाइक पेट्रोलिंग दस्ता तैनात होगा।

जागरण संवाददाता, बांका। पड़ोसी जिले जमुई में घटित घटनाओं के बाद बांका के ऐतिहासिक मंदार पर्वत पर एक युवती के साथ बदसलूकी और मारपीट की धमकी का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

पर्यटन के बढ़ते दबाव और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमितेश कुमार ने जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से चाक-चौबंद करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।

इसके तहत जिले के 25 ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थलों को चिह्नित किया गया है, जहां प्रतिदिन और विशेष पर्व-त्योहारों पर हजारों की संख्या में सैलानी व श्रद्धालु पहुंचते हैं। एसपी के अनुसार, नई सुरक्षा योजना केवल स्थायी पुलिस पिकेट या गश्ती गाड़ी तक सीमित नहीं रहेगी। इन सभी 25 केंद्रों की संबंधित थानों से सीधी और त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी।

इसके लिए विशेष 'बाइक सवार पुलिस दस्ता' तैयार किया जा रहा है, जो दुर्गम, पहाड़ी और संकरी गलियों में निरंतर गश्ती करेगा। बाइक पेट्रोलिंग का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि किसी भी अप्रिय सूचना पर पुलिस बल बिना ट्रैफिक में फंसे चंद मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच सकेगा।

सीसीटीवी की तीसरी आंख और सुनसान रास्तों पर पर्याप्त रोशनी

सुरक्षा के इस खाके में आधुनिक तकनीक का पूरा सहारा लिया जा रहा है। चिह्नित स्थलों के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों के साथ-साथ भीड़ वाले और एकांत हिस्सों में नाइट-विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से असामाजिक तत्वों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, जिससे किसी भी वारदात की स्थिति में साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

इसके अतिरिक्त, पर्यटन और मंदिर परिसरों के अंधेरे व सुनसान हिस्सों को चिह्नित कर वहां हाई-मास्ट सोलर व स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि छेड़खानी या छिनतई जैसी घटनाओं पर पूर्ण विराम लग सके।

मंदार पर 5 हजार पर्यटक रोज

बांका जिला पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। मंदार पर्वत पर आधुनिक रोपवे शुरू होने के बाद से यहां प्रतिदिन औसतन पांच हजार से अधिक पर्यटक पहुंचते हैं। वहीं, धनकुंड और जेठौरनाथ महादेव मंदिर में प्रत्येक सोमवार को हजारों और सावन माह में लाखों की भीड़ उमड़ती है। सुप्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गा मंदिर में सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, जहां मंगलवार और शनिवार को पैर रखने की जगह नहीं होती।

तिलडीहा हादसे से लिया सबक

उल्लेखनीय है कि लगभग एक दशक पूर्व तिलडीहा मंदिर में मची भीषण भगदड़ में एक दर्जन श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो चुकी है। उस त्रासदी से सबक लेते हुए और हालिया मनचलों की हरकतों को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता।

पुलिस द्वारा चिह्नित प्रमुख स्थल : मंदार पर्वत (बौंसी), चांदन डैम, लक्ष्मीनारायण मंदिर, मधुसूदन मंदिर (बौंसी), लक्ष्मीपुर तालाब, ज्येष्ठगौरनाथ (जेठौरनाथ) मंदिर, भदरिया ऐतिहासिक स्थल, तिलडीहा दुर्गा मंदिर, धनकुंड शिव मंदिर, पैर पहाड़ी शिव मंदिर, लबोखर नाथ मंदिर, लखपुरा काली मंदिर, गोड़धुआ दुर्गा मंदिर, बांका शहर स्थित भयहरण स्थान, बदुआ डैम, झझवा पहाड़, झरना पहाड़ और कोझी डैम सहित अन्य स्थल शामिल हैं।

"जिले के सभी 25 प्रमुख सार्वजनिक पर्यटन केंद्रों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत और प्रभावी सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है। पुलिस गश्ती को अधिक त्वरित और गतिशील बनाने के लिए बाइक सवार पुलिस दल से निरंतर पेट्रोलिंग कराई जाएगी। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त प्रकाश (लाइटिंग) के प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि हर पर्यटक और श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में भ्रमण व पूजा-अर्चना कर सके।"

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— अमितेश कुमार, पुलिस अधीक्षक, बांका