बिहार : पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री शुरू, दफ्तर में पसरा सन्नाटा; बांका में जानकारी के अभाव में राजस्व नुकसान की आशंका
बांका जिले में बुधवार से पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री प्रभावी रूप से शुरू होगी, हालांकि तकनीकी अड़चनों और जागरूकता की कमी ...और पढ़ें

17 अगस्त से लागू व्यवस्था के बावजूद नहीं हुआ एक भी निबंधन; ई-स्टांप काउंटर खाली, चालान का भुगतान भी रहा ठप
HighLights
बांका में बुधवार से पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री प्रभावी रूप से शुरू।
तकनीकी अड़चनों और जागरूकता की कमी से दो दिन काम ठप।
अधिकारियों ने बुधवार से सुचारू कार्य शुरू होने का दावा किया।
संवाद सहयोगी, बांका। बिहार सरकार द्वारा जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए शुरू की गई 'पेपरलेस रजिस्ट्री' व्यवस्था बांका जिले में बुधवार से प्रभावी रूप से शुरू होगी। हालांकि, राज्य सरकार के निर्देशानुसार यह व्यवस्था 17 अगस्त से ही लागू हो चुकी है, लेकिन जिले में तकनीकी अड़चनों और जागरूकता की भारी कमी के चलते पिछले दो दिनों में एक भी पेपरलेस जमीन का निबंधन (रजिस्ट्री) नहीं हो सका।
मंगलवार को भी जिला निबंधन कार्यालय में पूरे दिन असामान्य सन्नाटा पसरा रहा और परिसर में गिने-चुने कातिब (दस्तावेज लेखक) ही नजर आए।
व्हाट्सएप और ई-मेल पर मिलेगी जानकारी, पर लोग अनजान
नई पेपरलेस व्यवस्था के तहत जमीन के क्रेता (खरीदार) और विक्रेता को जमीन के दस्तावेजों, पहचान पत्रों और आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही पूरी करनी होगी। रजिस्ट्री से जुड़े सभी जरूरी अलर्ट, पावती और दस्तावेज खरीदार-विक्रेता को सीधे उनके पंजीकृत व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी पर भेजे जाएंगे।
हालांकि, स्थानीय कातिबों और डीड राइटर्स का कहना है कि आम लोगों, किसानों व जमीन खरीदारों को इस नई डिजिटल प्रक्रिया का कोई व्यावहारिक प्रशिक्षण या पूर्व जानकारी नहीं दी गई है। अचानक पुरानी व्यवस्था बंद कर नई व्यवस्था लागू कर देने से लोगों में भारी भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
ई-स्टांप काउंटर खाली, एक भी चालान नहीं कटा
निबंधन कार्यालय में मंगलवार को ई-स्टांप बिक्री काउंटर पूरी तरह सूना रहा। जानकारी के अनुसार, दिनभर में एक भी नया ई-स्टांप चालान नहीं काटा गया और न ही ऑनलाइन माध्यम से किसी सरकारी चालान का भुगतान हुआ।
लगातार दो दिनों से रजिस्ट्री का कामकाज पूरी तरह ठप रहने के कारण निबंधन विभाग को लाखों रुपये के दैनिक राजस्व का भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
कातिबों ने जताई नाराजगी, अफसर बोले- बुधवार से सुचारू होगा काम
दस्तावेज लेखकों और कातिबों ने विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि व्यवस्था में बदलाव से पूर्व व्यापक स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाने चाहिए थे, ताकि आम लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
इधर, पूरे मामले पर बांका के अवर निबंधन पदाधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि बुधवार से जिले में पेपरलेस जमीन निबंधन का कार्य विधिवत शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग के स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक स्तर की सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
