बांका। जिले का एक मात्र बांका अनुमंडल अस्पताल 15 जनवरी 2010 को शहर के जगतपुर में सदर अस्पताल खुलने के साथ ही बंद हो गया। अब यहां मरीजों का इलाज एवं ओपीडी चलने की बजाय स्वास्थ्य विभाग की कई शाखाएं चल रही है।

शहर के गांधी चौक के पास स्थित अनुमंडल अस्पताल में अब स्वास्थ्य सेवाएं बहाल नहीं है। इसके भवन भी अब पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। हालांकि, कई समाजसेवी और नेताओं ने कई बार अनुमंडल अस्पताल में कम से कम ओपीडी सेवा चालू कराए जाने की मांग की। जिससे सदर अस्पताल पर मरीजों का बोझ कम होने के साथ ही लोगों को भी अपना स्वास्थ्य जांच कराने में सुविधा हो। लेकिन अनुमंडल अस्पताल चालू नहीं होने से छोटी सी खंरोच लगने पर भी लोगों को इलाज के लिए मुख्य शहर से तीन किलोमीटर दूर जगतपुर सदर अस्पताल जाना पड़ रहा है। जबकि सदर अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने व स्वास्थ्य सेवाओं के संसाधनों में कमी होने से स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत खस्ता है।

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42 करोड़ के बजट से भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं :

बांका जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा बहाल करने के लिए सरकार हर साल 42 करोड़ रुपए दे रही है। इस बजट के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रति व्यक्ति 160 रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन फिर भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। नीति आयोग के जारी रिपोर्ट से भी इसका खुलासा हुआ है।

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167 की जगह 69 चिकित्सक कार्यरत :

मानक के मुताबिक जिले में चिकित्सकों के 167 पद स्वीकृत हैं। इसमें 73 विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। लेकिन जिले में अभी महज 69 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। इसमें महज 12 विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। एएनएम के 583 पदों में 230 एवं जीएनएम के 67 पदों में आठ पद रिक्त हैं। जबकि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ड्रेसर, कंपाउंडर एवं एलएचवी के सारे पद रिक्त पड़े हुए हैं। ऐसे में यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं का बखूबी अंदाजा लगाया जा सकता है।

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अनुमंडल अस्पताल परिसर में बना पारा मेडिकल कॉलेज :

अनुमंडल अस्पताल बंद होने के बाद यहां जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय, यक्ष्मा केंद्र, बुनियादी केंद्र एवं प्रतिरक्षण कार्यालय चल रहा है। इसके अलावा अनुमंडल अस्पताल परिसर में नौ करोड़ की लागत से पारा मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया गया है। जिसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अगले महीने इसके चालू होने की संभावना है।

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पारा मेडिकल कॉलेज से दूर होगी कर्मियों की कमी :

शहर के अनुमंडल अस्पताल परिसर में बने पारा मेडिकल कॉलेज में हर साल 180 पारा मेडिकल कर्मी तैयार होंगे। जिससे स्वास्थ्य केंद्रों पर पारा मेडिकल कर्मियों की कमी दूर हो सकेगी। यहां 100 महिला एवं 80 पुरूष पारा मेडिकल छात्रों की पढ़ाई होगी। इसके लिए यहां हाईटेक क्लास रूम, प्रशासनिक भवन एवं अलग-अलग छात्रावास की सुविधा है।

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कोट

जिला मुख्यालय में सदर अस्पताल संचालित होने के बाद वहां अनुमंडल अस्पताल को चालू करने का प्रावधान नहीं है। जिससे यहां सदर अस्पताल के शुरु होने के साथ ही अनुमंडल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर दी गई है।

डॉ. सुधीर महतो, सीएस

Posted By: Jagran

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