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नाच-गाकर सिखाए ककहरा, अब राष्ट्रपति करेंगी सलाम: ब‍िहार की खुशबू कुमारी को मिलेगा 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026'

Published: Fri, 21 Aug 2026 10:25 PM (IST)

बांका की खुशबू कुमारी को वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। वे 5 सितंबर को ...और पढ़ें

7 साल बाद बांका का बजा डंका; 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से पुरस्कार लेंगी शिक्षिका

7 साल बाद बांका का बजा डंका; 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से पुरस्कार लेंगी शिक्षिका

HighLights

  1. बांका की खुशबू कुमारी को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026।

  2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर को करेंगी सम्मानित।

  3. अनूठी शिक्षण शैली, नाच-गाकर पढ़ाने की विधा से पहचान।

जागरण संवाददाता, बांका। वर्ष 2026 के लिए 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' (National Teacher Award) की घोषणा के साथ ही बांका जिले ने पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। करीब सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बांका के हिस्से यह ऐतिहासिक गौरव आया है। शहर स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय, विदायडीह की प्रधानाध्यापिका (एचएम) खुशबू कुमारी को भारत सरकार की नेशनल ज्यूरी ने इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना है।

खुशबू कुमारी आगामी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों यह राष्ट्रीय पुरस्कार ग्रहण करेंगी।

नाच-गाकर और खेल-खेल में पढ़ाने की विधा से मिली पहचान

शिक्षिका खुशबू कुमारी प्राथमिक कक्षा के बच्चों को नाच-गाकर, अभिनय और मनोरंजक शिक्षण सहायक सामग्री (TLM) के जरिए पढ़ाने के अपने अनूठे नवाचार को लेकर बीते एक दशक से चर्चा में रही हैं। सोशल मीडिया पर उनके क्लासरूम अध्यापन के वीडियो देश भर में वायरल हुए और काफी सराहे गए।

शिक्षा के क्षेत्र में इस उत्कृष्ट योगदान के लिए बिहार सरकार उन्हें पूर्व में राजकीय शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित कर चुकी है। पिछले वर्ष विदायडीह विद्यालय में प्रधानाध्यापिका बनने के बाद उन्होंने अपने कुशल प्रबंधन से अल्पसंख्यक बहुल व पिछड़े इलाके के इस स्कूल की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। इससे पहले वे 11 वर्षों तक कटोरिया प्रखंड के मध्य विद्यालय कठौन में टीईटी शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

बिहार से फाइनल राउंड में पहुंचीं, नेशनल ज्यूरी ने किया चयन

राष्ट्रीय पुरस्कार चयन प्रक्रिया के दौरान बिहार से छह शिक्षकों का नाम फाइनल राउंड के साक्षात्कार के लिए भेजा गया था। राष्ट्रीय ज्यूरी ने कठिन चयन प्रक्रिया के बाद बिहार से अंतिम रूप से दो शिक्षकों का चयन किया, जिसमें खुशबू कुमारी का नाम शीर्ष पर रहा।

इस उपलब्धि पर शिक्षिका खुशबू कुमारी ने कहा, "यह सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि बांका की शिक्षा व्यवस्था और हमारे बच्चों का सम्मान है। मेरा उद्देश्य बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद बनाना था। राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना हर शिक्षक का सपना होता है।"

शिक्षा अधिकारियों ने दी बधाई, जिले में खुशी की लहर

खुशबू कुमारी की इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) देवनारायण पंडित, डीपीओ (स्थापना) संजय कुमार यादव, डीपीओ (एसएसए) मो. फारूख रहमान तथा गुणवत्ता शिक्षा प्रभारी मनोहर सिंह समेत शिक्षा जगत के तमाम अधिकारियों व शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी है। डीईओ ने कहा कि यह पूरे बांका के लिए गौरव का क्षण है और इससे जिले में चल रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अभियान को नई मजबूती व प्रेरणा मिलेगी।