बांका के भलजोर पुल पर 15 दिनों तक भारी वाहनों की नो-एंट्री! 30 किमी अतिरिक्त फेरा, डायवर्सन में देरी से बढ़ी परेशानी
बांका के भलजोर पुल पर जर्जर स्थिति के कारण भारी वाहनों का परिचालन रोक दिया गया है, जिससे वाहन चालकों ...और पढ़ें

बांका-हंसडीहा एनएच-133ई स्थित भलजोर पुल के मुहाने पर लगाए गए लोहे के बैरियर
HighLights
भलजोर पुल पर जर्जरता के कारण भारी वाहनों का परिचालन बंद।
वाहन चालकों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए 30 किमी अतिरिक्त फेरा।
डायवर्सन निर्माण में देरी से स्थानीय कारोबार प्रभावित, ग्रामीण सड़कों पर जाम।
संवाद सहयोगी, बौंसी (बांका)। भागलपुर-हंसडीहा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-133ई) पर स्थित ऐतिहासिक भलजोर पुल के कमजोर होने के बाद उस पर भारी वाहनों के परिचालन पर लगाई गई रोक से आम राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
करीब 56 वर्ष पुराने इस पुल का सुपर स्ट्रक्चर जर्जर हो चुका है, जिसकी मरम्मत के लिए प्रशासन ने पुल के दोनों छोर पर आठ-आठ फीट ऊंचे लोहे के मजबूत बैरियर लगा दिए हैं। फिलहाल पुल से केवल छोटी गाड़ियों व दोपहिया वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी गई है,
जबकि भारी मालवाहक वाहनों और ट्रकों को हंसडीहा-गोड्डा होते हुए पंजवारा मार्ग से भेजा जा रहा है। मार्ग में बदलाव किए जाने के कारण वाहन चालकों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 25 से 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और ईंधन दोनों का भारी नुकसान हो रहा है।
धीमी गति से चल रहा डायवर्सन निर्माण, ठप पड़ने लगा स्थानीय कारोबार
पुल की मरम्मत के दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए एनएच विभाग द्वारा करीब 10 मीटर चौड़ा और 100 मीटर लंबा अस्थाई डायवर्सन बनाया जाना है। इसके लिए विभाग ने एक माह का समय निर्धारित किया है, लेकिन धरातल पर निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। पिछले तीन दिनों से निर्माण स्थल पर मात्र एक पोकलेन मशीन से झाड़ियों की कटाई-सफाई कराई जा रही है।
डायवर्सन निर्माण की इस सुस्ती से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने से भलजोर क्षेत्र के लाइन होटल, पेट्रोल पंप, ऑटो गैरेज और फुटपाथ दुकानें पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
ग्रामीण रास्तों पर जाम का संकट, एसडीएम ने दिए तेजी से काम पूरा करने के आदेश
वहीं, अंतरप्रांतीय यात्री बसों के परिचालन पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। झारखंड से आने-जाने वाली मिनी बसों को डांडे गांव से ग्रामीण सड़क होते हुए सांझोतरी के रास्ते निकाला जा रहा है। संकरी ग्रामीण सड़कें होने के कारण इस मार्ग पर आए दिन भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
मामले में प्रशासनिक संज्ञान लेते हुए बांका के एसडीएम राज कुमार ने बताया कि एनएच विभाग के कार्यपालक अभियंता को डायवर्सन का काम युद्धस्तर पर पूरा करने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर यातायात सामान्य किया जा सके।
बस संचालक प्रदीप वर्मा ने कहा कि झारखंड से आने वाली मिनी यात्री बसों को डांडे से ग्रामीण सड़क होते हुए सांझोतरी के रास्ते भेजा जा रहा है। इस मार्ग से करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। सड़क संकरी होने के कारण बार-बार जाम लग रहा है। विभाग को डायवर्सन निर्माण में तेजी लानी चाहिए।
