गांव के मैदान से राष्ट्रीय मंच तक पहुंची बांका की आर्या, अंडर-17 वॉलीबॉल में चयन, अब बरेली में दिखाएगी दम
बांका के विशनपुर गांव की आर्या ने अपनी मेहनत और वॉलीबॉल के प्रति जुनून से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई ...और पढ़ें

बांका के एमआरडी उच्च विद्यालय की होनहार वॉलीबॉल खिलाड़ी आर्या
HighLights
आर्या का अंडर-17 राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए चयन।
बरेली में 6 से 9 नवंबर तक बिहार का करेंगी प्रतिनिधित्व।
सीमित संसाधनों के बावजूद वॉलीबॉल में हासिल की बड़ी कामयाबी।
संवाद सहयोगी, बांका। यदि मन में कड़ा हौसला और कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी कभी सफलता की राह का रोड़ा नहीं बन सकती। बांका शहर के समीप स्थित छोटे से गांव विशनपुर की बेटी आर्या ने इस बात को पूरी तरह सच कर दिखाया है।
अपनी कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और वॉलीबॉल खेल के प्रति अटूट समर्पण के बल पर आर्या ने बहुत कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है।
बांका शहर के छोटे से गांव विशनपुर की रहने वाली 10वीं की छात्रा आर्या का राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ चयन
आगामी 6 से 9 नवंबर तक उत्तर प्रदेश के बरेली में आयोजित होने वाली अंडर-17 राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में खेलेंगी आर्या
एमआरडी उच्च विद्यालय की छात्रा आर्या इससे पूर्व भुवनेश्वर में आयोजित अंडर-14 नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भी ले चुकी हैं भाग
पिता सुधांशु शेखर सिंह निजी स्कूल में हैं शिक्षक, मां खुशबू देवी हैं गृहिणी; खेल शिक्षक प्रदीप कुमार ने दी सफलता की बधाई
उसकी यह शानदार सफलता जिले की उन तमाम बेटियों के लिए एक महान प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने की हिम्मत जुटाती हैं। आर्या वर्तमान में बांका शहर स्थित एमआरडी उच्च विद्यालय में 10वीं कक्षा की होनहार छात्रा है।
भुवनेश्वर में अंडर-14 के बाद अब बरेली में गाड़ेगी झंडा; 6 से 9 नवंबर तक होगा आयोजन
एमआरडी उच्च विद्यालय के खेल शिक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि आर्या अपनी लगन और अनुशासन के दम पर लगातार खेल के मैदान में नई ऊंचाइयों को छू रही है। आर्या आगामी 6 से 9 नवंबर तक उत्तर प्रदेश के बरेली में आयोजित होने वाली 'अंडर-17 राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता' में बिहार टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेगी।
इससे पूर्व भी उसने भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित अंडर-14 राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भाग लेकर जिले का नाम रोशन किया था। आर्या का कहना है कि उसका अंतिम लक्ष्य और सपना एक दिन भारतीय राष्ट्रीय वॉलीबॉल टीम में चयनित होकर देश का प्रतिनिधित्व करना है।
निजी शिक्षक की बेटी ने सीमित साधनों में पाई कामयाबी; स्कूल और परिवार में खुशी की लहर
आर्या विशनपुर गांव के एक बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती है। उसके पिता सुधांशु शेखर सिंह टाटा में एक प्राइवेट स्कूल में बतौर शिक्षक कार्यरत हैं और परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता खुशबू देवी एक कुशल गृहिणी हैं।
संसाधनों की कमी के बावजूद माता-पिता ने अपनी बेटी के वॉलीबॉल के जुनून को कभी कम नहीं होने दिया और उसे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
आर्या के राष्ट्रीय स्तर पर चयन की खबर मिलते ही विद्यालय परिवार, शिक्षकों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सभी ने आर्या को बरेली में होने वाले मुकाबले में जीत की अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।
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