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बिहार में बिजली सेवाएं होंगी और स्मार्ट: AI तकनीक से होगी बिलिंग की निगरानी, 25 मई से काम करेगा सिस्टम

Published: Sun, 17 May 2026 02:44 PM (IST)

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) बांका में बिजली बिलिंग और मीटरिंग को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए नया रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) लागू कर रही है।

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संवाद सूत्र, बांका। बिजली उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी, सटीक और तेज सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) बड़ा कदम उठाने जा रही है।

जिले में बिजली बिलिंग और मीटरिंग व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए नया रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) लागू किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर सॉफ्टवेयर माइग्रेशन का कार्य शुरू हो चुका है और संभावना जताई जा रही है कि 25 मई तक नया सिस्टम पूरी तरह काम करने लगेगा।

नई व्यवस्था की खास बात यह है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे बिजली बिलिंग और मीटरिंग से जुड़े कार्यों की निगरानी और ट्रैकिंग पहले से अधिक आसान और प्रभावी हो सकेगी। विभाग का दावा है कि इससे बिलिंग में होने वाली त्रुटियों पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को अधिक सटीक बिल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

अब तक बिजली कंपनी ‘सेतरा’ नामक पुराने सॉफ्टवेयर के माध्यम से बिलिंग, बिल सुधार और अन्य उपभोक्ता सेवाओं का संचालन कर रही थी। लेकिन समय के साथ तकनीकी चुनौतियां बढ़ने के कारण पुराने सिस्टम में कई परेशानियां सामने आ रही थीं। इससे बिलिंग और मीटरिंग व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

नए आरएमएस के लागू होने के बाद बिजली बिल, स्मार्ट मीटर रीडिंग और उपभोक्ताओं से संबंधित सभी आंकड़ों का रिकार्ड डिजिटल प्लेटफार्म पर सुरक्षित रहेगा। इससे विभागीय कार्यों की मॉनिटरिंग आसान होगी, शिकायतों के निष्पादन में तेजी आएगी और राजस्व प्रबंधन प्रणाली भी अधिक मजबूत होगी।

हालांकि विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि माइग्रेशन प्रक्रिया पूरी होने तक कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित रहेंगी। इस दौरान बिलिंग, लोड बढ़ाने या घटाने, नए बिजली कनेक्शन जारी करने और बिल सुधार से जुड़े कार्यों में देरी हो सकती है।

अधिकारियों के अनुसार यह असुविधा केवल कुछ दिनों के लिए होगी और नया सिस्टम शुरू होने के बाद उपभोक्ताओं को पहले से बेहतर और तेज सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

एआई आधारित एनालिटिक्स तकनीक का होगा इस्तेमाल

बिजली कंपनी बिलिंग व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ब्रिजडेली जैसी एआई आधारित एनालिटिक्स तकनीक का उपयोग कर रही है। इस तकनीक की मदद से बिजली खपत, बिलिंग पैटर्न और मीटरिंग डेटा की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

साथ ही अनियमितताओं की पहचान भी तेजी से हो सकेगी। विभाग का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं की शिकायतों में कमी आएगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

‘बिहार बिजली स्मार्ट मीटर एप’ होगा लॉन्च

उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिजली कंपनी अपने मौजूदा ‘सुविधा एप’ में भी बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत नया ‘बिहार बिजली स्मार्ट मीटर एप’ लॉन्च करने की तैयारी चल रही है। इस एप के जरिए उपभोक्ता घर बैठे नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन, लोड बढ़ाने या घटाने, मोबाइल नंबर अपडेट करने, स्मार्ट मीटर रिचार्ज और बिजली बिल भुगतान जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

इतना ही नहीं, एप के माध्यम से बिजली संबंधी शिकायत दर्ज कराने और उसके समाधान की स्थिति जानने की सुविधा भी मिलेगी। विभाग को उम्मीद है कि नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और अधिकांश सेवाएं आनलाइन उपलब्ध हो जाएंगी।

बिजली बिलिंग और मीटरिंग व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए नया रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे बिजली खपत, बिलिंग पैटर्न और मीटरिंग डेटा की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

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ई. कुमार सौरभ, कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग, बांका।