बांका: बदुआ नदी किनारे मिली 4 किलो वजनी खंडित प्रतिमा; अष्टधातु की होने की चर्चा, पुरातत्व विभाग कहा- भगवान बुद्ध
बांका के शंभुगंज में बदुआ नदी किनारे बच्चों को एक प्राचीन खंडित प्रतिमा मिली, जिसे ग्रामीण भगवान बुद्ध की अष्टधातु ...और पढ़ें

पौकरी गांव के पास सुरक्षा बांध किनारे खेलते बच्चों को मिली 4 किलो वजनी व 1 फीट लंबी 3 टुकड़ों में खंडित प्रतिमा
HighLights
बांका में बदुआ नदी किनारे मिली प्राचीन खंडित प्रतिमा।
ग्रामीणों ने इसे भगवान बुद्ध की अष्टधातु मूर्ति बताया।
पुलिस ने प्रतिमा जब्त कर पुरातत्व विभाग को सूचना दी।
संवाद सहयोगी, शंभुगंज (बांका)। बांका जिले के शंभुगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पौकरी गांव के समीप बदुआ नदी के सुरक्षा बांध के पास शुक्रवार शाम एक प्राचीन खंडित प्रतिमा मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। करीब एक फीट लंबी और लगभग चार किलोग्राम वजनी यह प्रतिमा तीन टुकड़ों में टूटी हुई है। स्थानीय ग्रामीण इसे भगवान बुद्ध की प्राचीन व दुर्लभ प्रतिमा बता रहे हैं।
गांव में प्रतिमा के अष्टधातु निर्मित और बेशकीमती होने की भी जोरों से चर्चा है। हालांकि, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुरातत्व विशेषज्ञों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही इसके धातु, पत्थर और कालखंड की सही पुष्टि हो सकेगी।
खेलते बच्चों की नजर पड़ी, घर लाते ही उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
जानकारी के अनुसार, पौकरी और गढ़ी मोहनपुर गांव के बीच बदुआ नदी के सुरक्षा बांध के निकट शुक्रवार शाम कुछ बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान बच्चों की नजर बांध के किनारे एक गड्ढे में दबी कठोर वस्तु पर पड़ी। जब बच्चों ने मिट्टी हटाकर देखा, तो वहां खंडित प्रतिमा दिखाई दी।
बच्चे कौतूहलवश प्रतिमा को उठाकर अपने घर ले आए और परिजनों को इसकी जानकारी दी। बदुआ नदी किनारे प्राचीन मूर्ति मिलने की खबर जंगल में आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रतिमा के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। ग्रामीणों में इसे गांव में स्थापित करने से लेकर किसी मंदिर से चोरी कर छिपाई गई मूर्ति होने तक के कई कयास लगाए जाने लगे।
पुलिस ने प्रतिमा को किया जब्त, पुरातत्व विभाग को भेजा संदेश
स्थिति की गंभीरता और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत शंभुगंज थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और प्रतिमा को कब्जे में लेकर सुरक्षित थाने ले आई।
शंभुगंज थाने के दारोगा राजकुमार प्रसाद ने बताया कि प्रतिमा को थाने के मालखाने में सुरक्षित रखवा दिया गया है और वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित रिपोर्ट भेज दी गई है। शंभुगंज की अंचल अधिकारी (सीओ) जुगनू रानी ने बताया कि बरामद प्रतिमा पत्थर की है या अष्टधातु की, यह विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। मामले की विस्तृत जांच के लिए पुरातत्व विभाग (Archaeological Survey) से संपर्क साधा गया है।
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बदुआ नदी से पहले भी मिल चुकी हैं चोरी की अष्टधातु मूर्तियां
बदुआ नदी किनारे दोबारा प्राचीन प्रतिमा मिलने से इलाके में पूर्व में हुई मूर्ति चोरी की घटनाएं फिर से चर्चा में आ गई हैं। इससे पूर्व भी मासूमगंज स्थित एक मंदिर से चोरी हुई बेशकीमती अष्टधातु की प्रतिमा पौकरी गांव के निकट इसी बदुआ नदी के कछार से लावारिस हालत में बरामद की गई थी।
वहीं, वर्ष 2016 में शंभुगंज के मालडीह स्थित ऐतिहासिक रामजानकी ठाकुरबाड़ी से भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की तीन प्राचीन अष्टधातु मूर्तियां चोरी हो गई थीं, जिनका सुराग पुलिस आज तक नहीं लगा सकी है। पुलिस अब इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह प्रतिमा भी किसी मंदिर से चुराकर नदी किनारे छिपाई तो नहीं गई थी।
