निज प्रतिनिधि, चादन, बाका: देवघर-सुलतानगंज रेल लाईन निर्माण का काम चांदन-कटोरिया के बीच बाबुकूरा के लोगों ने रोक दिया है। गांव के आदिवासियों का कहना है कि उन लोगों को अब तक जमीन का मुआवजा नहीं मिला है और रेलवे कार्य करने पर उतारु है। जब तक उन लोगों को मुआवजा नहीं मिलेगा वे लोग काम नहीं होने देंगे। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए रेल परियोजना के अभियन्ता ने अंचल कार्यालय में जमीन से संबंधित कागजात का गहन जांच किया। अभियन्ता ने बताया कि आदिवासियों का कहना है कि जब तक सरकार उस गरीब आदिवासियों को जमीन का उचित मुआवजा नहीं देगी उसके जमीन पर काम नहीं होने दिया जाएगा। अभियन्ता ने बताया कि चादन मौजा के खाता 54 और 45 में पड़ने वाले इस जमीन का कोई अभिलेख जिला में मिल ही नहीं रहा है। जिससे आगे की कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जबकि अंचलाधिकारी निरंजन सिंह का कहना है कि बाबुकुरा गाव के करीब 32 आदिवासियों को यह जमीन बिहार सरकार द्वारा बंदोबस्ती में दिया गया है। इसका दाखिल खारिज भी उनके नाम से हो चुका है और इस जमीन के मुआवजे के लिए सारा अभिलेख अनुशंसा के साथ जिला को एक वर्ष पूर्व भेज दिया गया है। सीओ ने बताया कि संभवत: भुमि सुधार उपसमाहर्ता भी उस अभिलेख को आगे कार्यवाही के लिए भेज चुके हैं। सरकारी स्वीकृति के बाद ही मुआवजा देने का प्रावधान है। इसमें समय लगेगा ही। यह जमीन सोनेलाल मरंडी, करमु मरण्डी, गंगु मरण्डी, नुनेश्वर किस्कु, बड़का बास्की सहित कुल 32 आदिवासियों की है।

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