औरंगाबाद। हरितालिका तीज व्रत आस्था एवं परंपरा के साथ मनाया गया। महिलाओं ने निर्जला उपवास रखकर पूजा-अर्चना कर अपने पति के दीर्घायु होने की कामना की। मंगलवार की शाम नहाय-खाय के बाद महिलाओं ने बुधवार को बगैर अन्न व जल के व्रत को धारण किया। परंपरानुसार पूजा-अर्चना करते हुए महिलाओं द्वारा तीज व्रत की कथा सुनी गई। स्थानीय हनुमान मंदिर में सामूहिक तीज व्रत पूजन महिलाओं द्वारा किया गया, जहां मंदिर के पुजारी पं. देवशरण मिश्र ने पूजा पाठ कराते हुए तीज व्रत की कथा सुनाई। महिलाओं ने अपने घरों में तीज व्रत का पूजा किया। सुख, समृद्धि व शांति की महिलाओं ने कामना की। पूरे दिन घरों में गौरी-गणेश के साथ ही भगवान शंकर की पूजा अर्चना की तैयारियां चलती रही। बुधवार को दिन के तीन बजे के बाद महिलाएं शिव मंदिरों में पहुंची तथा पूजा के बाद मंदिर में ही तीज व्रत की कथा सुनी। प्राचीन समय से चली आ रही परंपराओं का व्रत रखने वाली महिलाओं ने तीज व्रत के दौरान अक्षरश: पालन किया। कई परिवार की महिलाओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद घर में ही कथा का सुना। महिलाओं ने सुहाग के सामानों का दान किया। व्रत को रखने वाली महिलाएं गुरुवार की सुबह पारण करेंगी। व्रत धारण करने वाली महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।

Posted By: Jagran