औरंगाबाद। रफीगंज थाना के पचार पहाड़ का खनन कर रही कंपनी के कैंप पर रविवार को पचार गांव के ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पहाड़ का खनन के दौरान घर में पत्थर का टुकड़ा गिरने से आक्रोशित ग्रामीण कंपनी के कैंप में पहुंचे और पोकलेन, जेसीबी, चारपहिया वाहन समेत करीब 30 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। खनन क्षेत्र में ग्रामीणों ने जमकर तांडव मचाया। खनन कार्य में लगे कर्मियों के साथ मारपीट की। कर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मारपीट की। दोनों ओर से हुई हिसक झड़प में कई लोग घायल हुए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर आगजनी कर खनन के खिलाफ प्रदर्शन किया। घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष राजीव रंजन एवं सीओ अवधेश कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और किसी तरह ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। बताया जाता है कि पचार पहाड़ में विस्फोट के दौरान पत्थर उड़कर पचार गांव के अलाउद्दीन के घर एवं मध्य विद्यालय में गिरने से आक्रोशित पचार के ग्रामीण पहाड़ के खनन एरिया में पहुंचे और खनन का विरोध करने लगे। कंपनी के द्वारा खनन जारी रखने के बाद ग्रामीणों ने तांडव मचाना शुरू कर दिया। खनन क्षेत्र में खड़े पोकलेन, हाइवा, दोपहिया, चार पहिया समेत करीब 30 वाहनों को ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीण कैंप स्थित कार्यालय में घुसकर कंप्यूटर समेत अन्य मशीन को तोड़ दिया। खनन कंपनी के मालिक के अनुसार ग्रामीणों ने कार्यालय से तीन लाख रुपये लेकर चले गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार पहाड़ के खनन और ब्लास्टिग के दौरान घर में पत्थर का टुकड़ा गिरते रहता है। रविवार को भी घर में पत्थर गिरा। हालांकि पत्थर से ग्रामीणों को कोई नुकसान नहीं हुआ। उधर खनन के ठेकेदार कौशल सिंह ने बताया कि पचार गांव के कुछ ग्रामीण पहले से विवाद करते आ रहे हैं। किसी के बहकावे में आकर ग्रामीणों ने घटना को अंजाम दिया है। कहा कि गांव में एक भी पत्थर नहीं जाता है। थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

Posted By: Jagran

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