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औरंगाबाद के सोननगर में 225 करोड़ से बनेगा 10 KM लंबा रेलवे बाईपास, मालगाड़ियों की बढ़ेगी रफ्तार

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:55 PM (IST)

औरंगाबाद के सोननगर में 225 करोड़ रुपये की लागत से 10 किलोमीटर लंबा रेलवे बाईपास बनाया जा रहा है।

सोननगर में बनेगा बाईपास। (जागरण)

सोननगर में बनेगा बाईपास। (जागरण)

HighLights

  1. सोननगर में 225 करोड़ की लागत से 10 किमी रेलवे बाईपास।

  2. मालगाड़ियों का परिचालन तेज होगा, इंजन बदलने की आवश्यकता नहीं।

  3. 30 एकड़ जमीन अधिग्रहण, 149 रैयतों को मुआवजा दिया गया।

जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। जिले के सोननगर में करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से 10 किलोमीटर लंबा रेलवे बाईपास बनाने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है।

परियोजना के लिए करीब 30 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। जमीन अधिग्रहण के लिए कुल 166 रैयतों को चिह्नित किया गया है, जिनमें 149 रैयतों को अबतक करीब छह करोड़ रुपये मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है।

शेष 17 रैयतों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है। बाईपास रेललाइन के निर्माण से सोननगर-पतरातू रेललाइन की पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी।

इसका सबसे अधिक लाभ मालगाड़ियों के परिचालन में मिलेगा। वर्तमान में झारखंड के डाल्टनगंज, पतरातू और गढ़वा क्षेत्र से कोयला, खनिज एवं अन्य सामान लेकर सोननगर आने वाली मालगाड़ियों को सोननगर जंक्शन होकर आगे जाना पड़ता है।

मालगाड़ियों में दिशा परिवर्तन के कारण इंजन बदलने की आवश्यकता होती है। इससे परिचालन में अतिरिक्त समय लगता है।

इंजन बदलने की नहीं होगी आवश्यकता

बाईपास बनने के बाद ऐसी मालगाड़ियां सोननगर जंक्शन में प्रवेश किए बिना सीधे बाईपास रेललाइन से आगे जा सकेंगी। इससे सोननगर जंक्शन पर मालगाड़ियों का ठहराव और इंजन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।

वहीं, गया और धनबाद की ओर से झारखंड के डाल्टनगंज, गढ़वा और पतरातू की तरफ जाने वाली मालगाड़ियों को भी सीधा रास्ता मिलेगा।

धनबाद से उत्तर प्रदेश के रेणुकूट की ओर जाने वाली मालगाड़ियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारी के अनुसार बाईपास के निर्माण से मालगाड़ियों के परिचालन में तेजी आएगी और यात्रा के समय की बचत होगी। इससे सोननगर जंक्शन पर परिचालन का दबाव भी कम होगा।

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बाईपास रेल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। कुल 166 रैयतों में से 149 रैयतों को करीब छह करोड़ रुपये मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। शेष 17 रैयतों के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। जमीन से संबंधित सही कागजात उपलब्ध नहीं कराने के कारण इन रैयतों का मुआवजा भुगतान लंबित है।

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अभिलाषा शर्मा, डीएम, औरंगाबाद।