औरंगाबाद। डीएम राहुल रंजन महिवाल ने मंगलवार को कुटुंबा प्रखंड कार्यालय में समीक्षा बैठक की। उनके साथ प्रखंड प्रभारी सह वरीय उपसमाहर्ता पुरूषोत्तम पासवान पहुंचे। प्रखंड कार्यालय आते ही डीएम ने संबंधित विभाग के कार्यालय का निरीक्षण किया। ई किसान भवन पहुंचे, जहां किसान समन्वयक मनीष से सवाल किया और कहा आप किस किसान के खेत से जांच के लिए मिट्टी लाएं हैं जरा उस किसान से बात कराईए। किसान को फोन लगाया गया पर नहीं लगा। डीएओ को कार्रवाई का निर्देश दिया। बीएओ प्रदीप कुमार ¨सह से कहा कि समय से कार्यालय खोलें किसान के साथ अच्छा व्यवहार करें। नवीनतम जानकारी किसानों तक पहुंचाएं। कहा कि गायब रहनेवाले कर्मियों पर कार्रवाई करें। बच्चों से इंगलिस ग्रामर एवं गणित का सवाल पूछा और उसे ब्लैक बोर्ड पर दिखाने को कहा। उन्होंने स्वयं भी बच्चों को विषयगत बातें बताया। बच्चों से कहा कि यह योजना कम्प्यूटर सीखने के लिए है सिनेमा देखने के लिए नहीं। बीआरसी भवन पहुंचकर उन्होंने समन्वयक संतोष कुमार से एमडीएम के व्यवस्था का जायजा लिया। सामग्री कहां से आता है। आवक का वजन की क्या स्थिति है। कहा कि अगर गलत जानकारी दी तो नपेंगे। वहां से वे सीधे मनरेगा भवन पहुंचकर पीओ योगेन्द्र ¨सह से स्थिति की जानकारी ली और कार्यों को पूर्ण करने के लिए एक माह का वक्त दिया। मनरेगा भवन में डीएम ने विकास योजनाओं की साप्ताहिक बैठक की। बैठक में सात निश्चय योजना पर फोकस रहा। अधिकारियों से बारी-बारी से योजनाओं के प्रगति की जानकारी ली। पिपराबगाही पंचायत के प्रतिनिधि रडार पर

सात निश्चय योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही करनेवाले वार्ड सदस्य का बचना मुश्किल है। डीएम सरकार के उक्त महत्वाकांक्षी योजना से किसी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहते। इस क्रम में पिपराबगाही के वार्ड सदस्य रडार पर आ चुके हैं। डीएम ने वार्ड सदस्य द्वारा प्रगति रिपोर्ट जमा न करने पर गड़बड़ी की आशंका जताया है इसकी जांच करने को कहा और वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। स्वच्छता मिशन की समन्वयक होंगे बर्खास्त

स्वच्छता मिशन की प्रखंड समन्वयक सुमित्रा कुमारी को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में जांच करने का आदेश डीआरडीए निदेशक शिव कुमार शैव को दिया। कहा कि उसकी बर्खास्तगी की जाए। हालांकि समन्वयक कुछ माह पहले ही यहां योगदान दिया है। डीएम ने

सीडीपीओ आशा कुमारी एवं पर्यवेक्षिका ज्योति कुमारी को कार्य में लापरवाही बरतने पर ¨खचाई की। कहा कि दोनों का वेतन बंद करने का आदेश दिया। सीडीपीओ से कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र का निरंतर निरीक्षण करें। प्रगति क्या है इसकी जानकारी दें। सीओ व बीईओ भी जांच की जद में

जिले के प्रगति के प्रति सजग डीएम राहुल रंजन महिवाल कहीं भी किसी से समझौते के मूड में नहीं दिखे। जिले में जारी विकास योजना को किसी कीमत पर अंजाम तक ले जाने की उनकी लगन की जद में वैसे अधिकारी आ रहे हैं जो लगातार मौज मस्ती की राह तलाश ली थी। कुटुंबा सीओ अनिल कुमार से कई मुद्दे पर पूछताछ के बाद असंतुष्टि होने पर सीओ से स्पष्टीकरण पूछा है। इधर बीईओ परशुराम प्रसाद भी योजना के क्रियान्वयन की लापरवाही में नप गए। डीएम ने संडा पंचायत में ओडीएफ का लक्ष्य की जानकारी मांगी तो बीईओ संतोषजनक उत्तर देने में पिछड़ गए। डीएम ने उनसे स्पष्टीकरण की मांग की है। किसान सलाहकार को ओडीएफ कार्य से मुक्त करने की मांग की गई कहा गया कि इससे किसानों को परेशानी हो रही है। किसानों के लिए भेजे गए 50 क्विंटल मूंग

हालांकि कृषि कर्मियों का कहना है कि मूंग का वितरण किया गया है लेकिन यह मामला अत्यंत असहज है। आखिरकार मूंग किस किसानों को दिया गया। अब तक इस मामले में कोई किसान यह नहीं बता सका है कि उन्हें मूंग का बीज मिला है। 50 क्विंटल मूंग लाखों रुपये का है। आशंका है कि फर्जी सूची बनाकर इसका गबन किया गया है जो जांच का विषय है। इसकी उच्चस्तरीय जांच जिले के वरीय अधिकारी करे तो मामले का सच सामने आने की उम्मीद है। डीएम ने गोदाम पहुंचकर चावल का वजन कराया परंतु यहां वजन सही मिला।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस