सढ़ैल पहाड़ की नीलामी से 250 करोड़ से अधिक कमाई की उम्मीद, औरंगाबाद में पत्थर खनन का रास्ता साफ
औरंगाबाद के चर्चित सढ़ैल पहाड़ में पत्थर खनन का रास्ता खुलने जा रहा है, जिसकी तीन अलग-अलग खंडों में नीलामी ...और पढ़ें

औरंगाबाद के सढ़ैल पहाड़ से होगा पत्थर खनन। जागरण
HighLights
सढ़ैल पहाड़ के तीन खंडों की नीलामी होगी।
5, 7 और 8 अक्टूबर को ऑनलाइन बोली लगेगी।
सरकार को 250 करोड़ से अधिक राजस्व मिलेगा।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। जिले के चर्चित सढ़ैल पहाड़ में पत्थर खनन का रास्ता अब खुलने जा रहा है। मदनपुर प्रखंड स्थित पहाड़ की तीन अलग-अलग खंडों में नीलामी होगी।
दो खंडों के लिए पांच अक्टूबर को ऑनलाइन बोली लगेगी, जबकि तीसरे खंड की नीलामी सात और आठ अक्टूबर को होगी।
तीनों खंडों की नीलामी से सरकार को 250 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। नीलामी के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
नीलामी के बाद खुलेगा पत्थर खनन का रास्ता, क्रशर लगाने का मिलेगा लाइसेंस
अब निर्धारित तिथि पर ऑनलाइन बोली की प्रक्रिया होगी। सफल बोली लगाने वाले को नियमानुसार खनन पट्टा दिया जाएगा।
इसके बाद लीजधारी पहाड़ से पत्थर खनन कर सकेंगे। पत्थर से गिट्टी निर्माण के लिए क्रशर स्थापित करने का लाइसेंस भी लीजधारियों को मिलेगा।
एक नहीं, तीन हिस्सों में मिलेगा खनन का अधिकार
सढ़ैल पहाड़ की नीलामी इस बार नए तरीके से की जा रही है। पहाड़ को तीन खंडों में बांटकर अलग-अलग लीजधारियों को खनन का अधिकार देने की तैयारी है।
इससे पहले इसकी नीलामी एक ही खंड में होती थी। तीन खंडों में नीलामी से अधिक लोगों को खनन कारोबार में अवसर मिलने के साथ सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
खनन के साथ गिट्टी कारोबार होगा शुरू
नीलामी और खनन पट्टा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहाड़ से पत्थर खनन शुरू होगा। सफल लीजधारियों को क्रशर लगाने का लाइसेंस मिलने से पत्थर से गिट्टी निर्माण का काम भी शुरू हो सकेगा।
इससे क्षेत्र में पत्थर आधारित कारोबार और उससे जुड़े रोजगार को गति मिलने की उम्मीद है। सढ़ैल पहाड़ जिले का पहला ऐसा पहाड़ है, जिसकी सरकारी स्तर पर नीलामी कर खनन पट्टा दिया जाता है।
खनन के उपनिदेशक विकास कुमार ने बताया कि नीलामी की प्रक्रिया जारी है। पांच अक्टूबर को दो खंडों के लिए ऑनलाइन बोली होगी। तीसरे खंड के लिए सात और आठ अक्टूबर की तिथि निर्धारित है।
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