लालू, कुशवाहा और चिराग... PK ने सियासी मंच से खेला जाति का नया दांव, गठबंधन पर भी खुलकर बोले
प्रशांत किशोर ने औरंगाबाद में बिहार सरकार पर जमकर हमला बोला, कहा कि आपराधिक छवि वाले मुख्यमंत्री के रहते राज्य ...और पढ़ें

जन सुराज नेता प्रशांत किशोर। PTI
HighLights
सीएम की आपराधिक छवि से बिहार अपराधमुक्त नहीं: प्रशांत किशोर।
डस्टबिन मामले में संदिग्ध आईएएस अधिकारी की जांच की मांग।
बिहार में परिवारवाद की राजनीति पर प्रशांत किशोर का आरोप।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। उपचुनाव में जीत के बाद पहली बार औरंगाबाद पहुंचे जन सुराज के नेता एवं बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने गुरुवार को सरकार पर जमकर हमला बोला।
शहर के सम्राट अशोक भवन में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में उन्होंने कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र में बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जिस राज्य के मुख्यमंत्री की छवि और चरित्र आपराधिक हो, वह राज्य कभी अपराधमुक्त नहीं हो सकता। ऐसे में बिहार को दुष्कर्म, हत्या और अपहरण से मुक्त करने का दावा करना बेमानी है।
उन्होंने कहा कि जब राजनीति में अपराध का प्रभाव बना रहेगा तो अपराधमुक्त समाज की कल्पना कैसे की जा सकती है। सरकार को अपराध के खिलाफ सिर्फ बयानबाजी करने के बजाय व्यवस्था में बुनियादी बदलाव करना चाहिए। बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की जरूरत है और जन सुराज इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा है।
डस्टबिन मामले में आईएएस की भूमिका जांच हो
डस्टबिन मामले को लेकर प्रशांत किशोर ने एक आईएएस अधिकारी की भूमिका की जांच कराने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि मामले में संबंधित अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। हालांकि, अधिकारी का नाम बताने से उन्होंने इनकार कर दिया।
पीके ने कहा कि उक्त अधिकारी तेजस्वी यादव और मंगल पांडेय के मंत्री कार्यकाल में संबंधित विभाग से जुड़े रहे हैं।
आरोप लगाया कि मामले में दोनों नेताओं की भूमिका को लेकर एक-दूसरे की ओर से सवाल नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसे में संबंधित आईएएस अधिकारी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में निष्पक्ष जांच कराने की क्षमता नहीं है।
परिवार की राजनीति कर रहे बिहार के नेता
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के नेता न राज्य की और न जाति की, बल्कि अपने परिवार की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने लालू यादव, उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान का नाम लेते हुए परिवारवाद का आरोप लगाया।
पीके ने कहा कि यदि वास्तव में जातिवाद की राजनीति होती तो विभिन्न जातियों के कई योग्य लोगों को नेतृत्व का अवसर मिलता, लेकिन नेताओं की चिंता अपने परिवार के सदस्यों को राजनीति में आगे बढ़ाने तक सीमित है।
क्या किसी से गठबंधन करेंगे पीके?
कांग्रेस को भविष्य में समर्थन देने अथवा किसी अन्य दल से गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह विधायक या सांसद बनने के लिए राजनीति में नहीं आए हैं। उनका लक्ष्य बिहार की व्यवस्था को बदलना है। जन सुराज का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन करना है।
एससी-एसटी आरक्षण की समीक्षा संबंधी उत्तर प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश राजभर और बिहार के मंत्री संतोष कुमार सुमन के बयानों पर उन्होंने कहा कि ऐसी मांग करने से पहले दोनों नेताओं को सरकार से इस्तीफा देना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन नबीनगर से पार्टी की प्रत्याशी रही अर्चना चंद्र यादव ने किया। राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह, मगध प्रभारी नंद किशोर यादव, जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा, डॉ. उमेश कुमार ने संबोधित किया। इस दौरान भाजपा, राजद और कांग्रेस समेत विभिन्न दलों से जुड़े लोगों तथा आम नागरिकों ने जन सुराज की सदस्यता ग्रहण की।
