औरंगाबाद। किसानों से धान की खरीद में कई परेशानियां है। सबसे बड़ी परेशानी यहां से सासाराम सीएमआर (चावल) ले जाकर गिराने में है। जिले में एसएफसी सभी गोदाम सीएमआर से भर गए हैं। यहां करीब दो लाख 30 हजार सीएमआर भंडारण की क्षमता है। यहां के सभी गोदामों के भरने के बाद सासाराम में किराए पर गोदाम लिया गया है। अब यहां से सीएमआर सासाराम ले जाकर गोदाम में गिराया जा रहा है जिससे पैक्स अध्यक्षों एवं मिलरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सासाराम में सीएमआर के गिराने में समय की बर्बादी हो रही है। धान की खरीद प्रभावित हो रही है। पैक्स अध्यक्षों ने धान की खरीद में कैश की कमी बताया है। कहा कि जितना सीएमआर एसएफसी को दे रहे हैं उतना का तुरंत पैसा नहीं मिल पा रहा है। जिन पैक्सों या मिलरों के द्वारा पांच लाट सीएमआर गिराया गया है पर पैसा दो लाट का ही मिला है। जबतक पैसा नहीं मिलेगा तो धान की खरीद कैसे होगी। जितना कैश क्रेडिट किया गया है उतना का धान खरीद ली गई है। किसानों से धान की खरीद के लिए पैक्सों को लक्ष्य के तहत कैश क्रेडिट नहीं किया गया है। लक्ष्य का 40 प्रतिशत ही कैश क्रेडिट किया गया है।

जिला कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के अनुसार जिन जिन पैक्सों के द्वारा 40 प्रतिशत कैश क्रेडिट के तहत धान की खरीद कर ली गई है उनका कैश क्रेडिट 60 प्रतिशत की जा रही है। अबतक करीब 25 पैक्सों का 60 प्रतिशत कैश क्रेडिट किया गया है। एसएफसी के जिला प्रबंधक पंकज कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में करीब दो लाख 30 हजार एमटी सीएमआर भंडारण की क्षमता है। यहां सभी गोदाम भर गया है। सीएमआर का भंडारण के लिए सासाराम में 25 हजार एमटी का दो गोदाम किराया पर लिया गया है। अब यहां से सीएमआर को सासाराम भेजवाया जा रहा है। सीएमआर का पैसा जैसे-जैसे उपलब्ध हो रहा है मिलरों एवं पैक्स अध्यक्षों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें कोई परेशानी नहीं हो रही है। उधर जिला सहकारिता पदाधिकारी श्रीन्द्र नारायण ने बताया कि धान क्रय में इन दिनों तेजी आई है।

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