औरंगाबाद। मैट्रिक एवं इटरंमीडिएट बोर्ड के परीक्षा में कोविड टीका लगवाने वाले परीक्षार्थियों को ही शामिल होने की इजाजत दी जाएगी। फाइनल परीक्षा शुरू होने से पहले उन्हें हर हाल में कोविड-19 का टीका लेना होगा। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देश व जिला प्रशासन द्वारा आयोजित टास्क फोर्स की बैठक में लिए गए निर्णय का हवाला देते हुए बीडीओ चंद्रभूषण गुप्ता ने बताया कि 15 से 18 वर्ष आयु के सभी परीक्षार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अनिवार्य रूप से वैक्सीन लेना है। टीका नहीं लेने पर परीक्षा में नहीं होंगे शामिल

अगर परीक्षार्थी टीका लेने से परहेज करते हैं तो उन्हें परीक्षा में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी। टीका लेने वाले परीक्षार्थियों को फेस मास्क का उपयोग करना होगा। बिना मास्क के उन्हें परीक्षा भवन के अंदर प्रवेश वर्जित रहेगा। इधर कोरोना की जारी कहर को देखते हुए जिले के सभी हाई स्कूल व कालेज में कैंप लगाकर किशोर व किशोरियों का टीका लगाया जा रहा है। टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने वाले होंगे सम्मानित

बीडीओ ने बताया कि वैसे विद्यालय जिनके द्वारा शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है, उन्हें 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया। इधर कुटुंबा के हेल्थ मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि वैक्सीन लेने से व्यक्ति के शरीर में बीमारी से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। विदित हो कि बिहार बोर्ड द्वारा आयोजित इंटर की परीक्षा 1 एवं 17 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा शुरू हो रही है। वर्तमान में 10 जनवरी से सभी प्लस टू हाईस्कूल व कालेजों में प्रैक्टिकल की परीक्षा जारी है।

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