औरंगाबाद। पोलियो की दवा पीने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने का मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। रविवार को जिला स्तरीय टीम ने पोलियो की दवा पीने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने की शिकायत के बाद दाउदनगर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। पूर्व जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मिथिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में यह टीम पहले पीएचसी पहुंचकर बच्चों के इलाज के बारे में जानकारी ली। टीम ने बच्चों का इलाज करने वाले चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ की। इसके बाद टीम महावर गांव पहुंची, जहां बीमार बच्चों के घरों में जाकर बच्चों की जांच की। अभिभावकों से पूछताछ की। टीम में डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. विनायक, यूनिसेफ के एसएमसी कामरान एवं यूएनडीपी के बीसीसीएम आरसी अली खान शामिल रहे। पूर्व डीआइओ ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। बीमार बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। बताया गया कि जिन बीमार बच्चों का स्थानीय पीएचसी में शनिवार की रात इलाज किया गया। उसमें एडिशन पासवान की एक वर्षीय पुत्री गुड़िया कुमारी, शैलेंद्र कुमार की पांच वर्षीय पुत्री स्वीटी कुमारी एवं तीन वर्षीय पुत्री अंकिता कुमारी, अमर साव का 10 माह की पुत्री सौम्या राज, राजू साव का दो वर्षीय पुत्र गणेश कुमार एवं एक वर्षीय पुत्री सलोनी कुमारी, दीपक मनोहर का छह माह का पुत्र आदित्य मनोहर, चंदन शर्मा का 18 माह की पुत्री अलीना भारती, अजीत कुमार का 10 माह की पुत्री आयुष कुमारी, दीप नारायण साव का दो वर्षीय वर्षीय पुत्र दीपांशु कुमार एवं आठ माह का पुत्र दिव्यांशु कुमार एवं मुन्ना सिंह का तीन वर्षीय पुत्र दीपांशु कुमार शामिल हैं। इन बच्चों के अभिभावकों की शिकायत थी की शुक्रवार को इन्हें पोलियो की दवा पिलाई गई थी और उसी दिन से इन्हें बुखार लगना शुरू हो गया। अभिभावकों ने बताया कि

दवा की अनुपलब्धता के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। अभिभावक अपने बच्चों के साथ रात्रि करीब 11 बजे तक पीएचसी में रहे। अभिभावक दीपक मनोहर ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा जो दवाएं लिखी गई, उनमें से कुछ दवाएं तो पीएचसी से मिली, लेकिन कुछ दवाओं के बारे में कहा गया कि उसे बाजार से खरीद कर लाना है।

Posted By: Jagran

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