औरंगाबाद। राफेल डील घोटाला एवं बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने शहर में प्रदर्शन किया। केरल के राज्यपाल रहे निखिल कुमार के नेतृत्व में गांधी मैदान से निकला प्रदर्शन कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेता केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। राफेल घोटाला की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग की। पूर्व राज्यपाल ने नारा दिया - हिटलरशाही नहीं चली तो मोदीशाही नहीं चलेगी, जो सरकार निकम्मी है वो सरकार बदलनी है। प्रदर्शन के बाद बद्रीनारायण मार्केट परिसर में सभा की गई। अध्यक्षता एवं संचालन कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अर¨वद कुमार ¨सह ने की। संबोधित करते हुए पूर्व सांसद निखिल कुमार ने कहा कि राफेल एक लड़ाकू विमान है। यह विमान विश्व भर में अनूठा है। इसका कोई दूसरा शानी नहीं है। केंद्र की यूपीए सरकार ने वर्ष 2007 में राफेल को चुना। 2012 में जब प्रधानमंत्री मनमोहन ¨सह और रक्षामंत्री एके एंटोनी थे तो 126 लड़ाकू विमान खरीदने का समझौता हुआ। 18 विमान सरकार ने खरीद ली और 108 विमान को ¨हदुस्तान ने फ्रांस के कंपनी के सहयोग से निर्माण कराना था। ¨हदुस्तान एमिनाटिक्स लिमिटेड के द्वारा लड़ाकू विमान बनाने का समझौता हुआ। यह कंपनी लड़ाकू विमान के साथ हेलीकॉप्टर बनाती है। वर्तमान सरकार ने राफेल डील के स्वरूप को बदल दिया। यूपीए सरकार में 526 करोड़ में जो सौदा हुआ था उसे मोदी सरकार ने 1600 करोड़ कर दिया। राहुल गांधी ने जब लोकसभा में सवाल पूछा तो सरकार जवाब नहीं दे पाई। रक्षामंत्री ने कहा कि वर्तमान राफेल विमान में आधुनिक तकनीक का प्रयोग हुआ है जिस कारण दाम बढ़ गए हैं। राफेल के संबंध में सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरकार गोपनीयता की बात कह सही जानकारी नहीं दे रही है। कहा कि पूरे मामले की जांच प्रधानमंत्री संयुक्त संसदीय समिति से कराएं। सरकार जांच कराने से भाग रही है जिस कारण लग रहा है कि दाल में काला है। अनुभवी नहीं है देश के रक्षा मंत्री

दिल्ली के पुलिस कमिशनर रहे निखिल कुमार ने रक्षा मंत्रालय पर ही सवाल उठाया। कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। रक्षामंत्री की तलाश शुरू हुई तो गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर का नाम आया। पीएम ने छोटे से राज्य के एक सीएम को रक्षामंत्री बना दिया जिनके पास कोई अनुभव नहीं था। वे अभी बीमार चल रहे हैं और इलाज अमेरिका में करा रहे हैं। गुजरात में भाजपा का सियासत गड़बड़ाने लगा तो प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री बनाकर गोवा भेज दिया। इस बार निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री बनाया। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण के पास कोई अनुभव नहीं है। उन्हें इसलिए रक्षा मंत्री बनाया गया ताकि प्रधानमंत्री जो कहें वो ओके हो जाए। राफेल डील के समय रक्षामंत्री प्रधानमंत्री के साथ फ्रांस नहीं गई थी। मोदीजी 56 इंच का सीना होने की बात कहते हैं। मैं कहता हूं कि उनका सीना तो 56 इंच का है और जुबान 92 इंच का। नारा दिया - हर जोर जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है। चंदा लेने में माहिर हैं भाजपा

नागालैंड के पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने कहा कि भाजपा औद्योगिक घरानों से चंदा लेने में माहिर है। बात चली पार्टियों की चंदा लेने की और खुलासा हुआ तो सच्चाई सामने आ गई। वामपंथी पार्टी ने 12 करोड़, कांग्रेस ने 43 करोड़ एवं भाजपा ने 552 करोड़ रुपये का चंदा लिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी कहते थे न खाऊंगा, न खाने दूंगा परंतु देश के वर्तमान हालात क्या हैं आप समझ सकते हैं। सभा को इन्होंने किया संबोधित

राफेल डील एवं बढ़ती महंगाई के विरोध में हुई सभा को कांग्रेस विधायक आनंद शंकर ¨सह, पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय ¨सह, डा. अक्षयलाल पासवान, चुलबुल ¨सह, पूर्व मुखिया शैलेंद्र दूबे, देवनारायण यादव, राकेश कुमार ¨सह पप्पू, अर¨वद शर्मा, रामविलास ¨सह ने संबोधित किया। सभी ने राफेल डील एवं देश में बढ़ती महंगाई पर चर्चा की। विधायक ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थ के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार की विदेशी नीति फेल हो रही है। जनता के पैसे से तीन वर्षों तक मोदी विदेशों में रहे परंतु उसका लाभ देश को नहीं मिला। यह व्यापारियों की सरकार है। ये लोग विकास की जगह देश में नफरत फैलाते हैं। ये रहे उपस्थित

राफेल डील एवं महंगाई के विरोध में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेता श्यामबिहारी ¨सह, श्यामबली पासवान, अरूण ¨सह, प्रसिद्ध ¨सह, रवींद्र कुमार ¨सह, कौशलेंद्र प्रताप नारायण ¨सह, शैलेंद्र ¨सह, राजद नेता ई. सुबोध कुमार ¨सह, राघवेंद्र प्रताप ¨सह, युवा राजद के जिलाध्यक्ष युसुफ आजाद अंसारी उपस्थित रहे।

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