औरंगाबाद । पुलिस प्रशासन एवं खनन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बावजूद सोन नदी से बालू का अवैध खनन बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन बालू का अवैध खनन हो रहा है। दिन-रात अवैध खनन कर उसे बेचा जा रहा है। ट्रक, हाइवा व ट्रैक्टर से बालू की ढुलाई की जा रही है। बालू लदे ट्रक, हाइवा, ट्रैक्टर जीटी रोड एवं बारुण-नवीनगर सड़क पर बेलगाम तेज रफ्तार में दौड़ते हैं। अगर कोई वाहन या व्यक्ति उसकी चपेट में आ जाए तो मौत ही जाती है। ग्रामीणों के अनुसार सोन में बालू का अवैध खनन का धंधा बड़ा रूप ले चुका है। जिसे प्रशासन रोक नहीं पाएगी। ग्रामीण इस बात को बताते हैं कि अवैध खनन के धंधे में जब अधिकारी से लेकर पुलिस शामिल हो तो फिर कैसे रुकेगा। इसका राजफाश इओयू की कार्रवाई से हो चुका है। छापेमारी देख जीटी रोड पर गिरा देते हैं बालू

छापेमारी की भनक लगते ही बालू लदे ट्रैक्टर एवं हाइवा चालक जहां-तहां बालू गिराकर फरार हो जाते हैं। बारुण से बालू लेकर डेहरी जाने वाले ट्रैक्टर के चालक छापेमारी की भनक लगते ही जीटी रोड पर बालू गिराकर फरार हो जाते हैं। धंधेबाजों ने कई बार सोन पुल पर बालू गिराया है जिस कारण जाम की समस्या उत्पन्न हुई है। बाइक से लाइनर करते हैं स्काट

बालू लदे वाहनों को बाइक से लाइनर स्काट करते हैं। मौका पाते ही छापेमारी टीम पर हमला कर देते हैं। सोमवार को बारुण पुलिस ने बालू लदे वाहनों के स्काट करने के आरोप में लाइनर बारुण थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव निवासी विजय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया है। बालू लदे हाइवा चालक अतरी थाना क्षेत्र के चांडी गांव निवासी धीरेंद्र कुमार को जेल भेजा गया है। चोरी की बालू की कीमत छह हजार से 6,500

जिले में बालू का दाम आसमान छू गया है। चोरी की बालू 6000 से 6500 रुपये में एक ट्रैक्टर मिल रही है। खनन विभाग के द्वारा बालू घाट पर स्टाक किए गए बालू 4500 में 100 सीएफटी बेची जा रही है। यह बालू भी आमजनों तक 6000 से अधिक में मिल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बालू को सरकार ने सोना बना दिया है जिस कारण आमजनों को महंगा मिल रहा है। स्टाक बालू को 4500 में 100 सीएफटी बेचा जा रहा है। अवैध खनन रोकने के लिए प्रतिदिन छापेमारी की कार्रवाई चल रही है। अब तक 50 से अधिक वाहन जब्त किए गए हैं। जब्त वाहनों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया है।

पंकज कुमार, जिला खनन पदाधिकारी, औरंगाबाद।

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