औरंगाबाद। कहने को निखिल कुमार एवं विधायक आनंद शंकर कांग्रेस में हैं। निखिल कुमार औरंगाबाद से लोकसभा के चुनाव लड़ते हैं। विधानसभा चुनाव 2015 के समय से निखिल कुमार एवं आनंद शंकर में दूरी बढ़ी। दोनों एक-दूसरे के दूर होते चले गए। मामला यहां तक आ पहुंचा कि दोनों एक साथ मंच साझा नहीं करते थे। इसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में हमेशा होती थी। कारण, कई मौके पर विधायक आनंद शंकर भाजपा सांसद सुशील कुमार ¨सह के साथ दिखते थे। साढ़े तीन वर्षों तक दोनों एक मंच पर नहीं आए। पारिवारिक कारणों से कुछ दिनों तक केरल के राज्यपाल रहे निखिल कुमार राजनीतिक से दूर रहे परंतु जब भी औरंगाबाद आए विधायक उनके साथ नहीं दिखते थे। राफेल डील एवं महंगाई के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन हुआ। दोनों एक साथ नजर आए। प्रदर्शन में भी दोनों साथ चले और मंच पर भी साथ रहे। अपने संबोधन के दौरान विधायक ने निखिल कुमार को औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन का प्रत्याशी घोषित किया। कहा कि निखिल बाबू औरंगाबाद के आन,बान एवं शान हैं। हमलोगों के प्रेरणास्त्रोत हैं। इनके सानिध्य में ही मैंने राजनीति की शुरुआत की। विधायक ने मंच से निखिल कुमार ¨जदाबाद के नारे लगाए। दोनों के एक साथ मंच पर होने की चर्चा शहर में होती रही।

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