बिहार में फिर मिला फर्जी IPS: असली पुलिस के साथ छापा मारा और चेकिंग भी की, पोल खुलने के डर से हुआ फरार
औरंगाबाद में एक फर्जी आईपीएस अधिकारी ने पुलिस के साथ मिलकर वाहनों की जांच और छापामारी की। पुलिस ने उसके ...और पढ़ें

बिहार में फर्जी IPS ने असली पुलिस के साथ मारी रेड।
HighLights
फर्जी आईपीएस ने पुलिस के साथ मिलकर की वाहनों की जांच।
पुलिस ने फर्जी आईपीएस के चालक पिंटू कुमार को किया गिरफ्तार।
फर्जी आईपीएस पुलिस को चकमा देकर फरार, तलाश जारी।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। शहर में गुरुवार की रात खुद को प्रशिक्षु आईपीएस बताकर नगर थाना पुलिस को अपने साथ लेकर छापामारी और वाहनों की जांच कराने वाले फर्जी आईपीएस के चालक और कुंदन कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार चालक झारखंड के पलामू के डाल्टेनगंज निवासी पिंटू कुमार और पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर दुर्गा मंदिर के सामने बाजार मोहल्ला निवासी कुंदन कुमार पिता विजय प्रसाद जयसवाल के रूप में हुई है।
पुलिस ने उनके कब्जे से इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो जब्त कर लिया है। हालांकि, फर्जी आईपीएस पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम पलामू समेत झारखंड के अन्य संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है।
स्कॉर्पियो के मालिक की तलाश में जुटी पुलिस
नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि फर्जी आईपीएस ने नगर थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन कर खुद को प्रशिक्षु आईपीएस बताया और छापामारी के लिए पुलिसकर्मी की मांग की। उस समय सरकारी मोबाइल प्रभारी थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार के पास था।
उसके झांसे में आकर नगर थाना की गश्ती टीम उसके साथ चली गई। इसके बाद फर्जी आईपीएस ने पुलिस टीम के साथ एनएच-139 पर जसोइया मोड़ से सीमेंट फैक्ट्री तक वाहनों की जांच की। इस दौरान उसने एक सब्जी व्यापारी को रोककर पूछताछ की।
इसके बाद अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन से शहर की ओर आ रहे टेंपो को रोककर उसमें सवार तीन यात्रियों से पूछताछ की। इनमें पलामू के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के खड़कपुर गांव निवासी आलोक कुमार, सुनील कुमार रवि तथा नबीनगर के गोसाइडीह गांव निवासी अजय कुमार शामिल थे।
फर्जी आईपीएस ने अजय को छोड़ दिया, जबकि आलोक और सुनील को अपनी स्कॉर्पियो में बैठा लिया और मदनपुर थाना की ओर ले जाने लगा।

अजय ने दोनों युवकों के स्वजन को इसकी सूचना दी। इसी दौरान आलोक और सुनील के एक रिश्तेदार, जो झारखंड के भवनाथपुर थाना में दारोगा हैं, को घटना की जानकारी मिली। दारोगा ने दोनों युवकों के मोबाइल से फर्जी आईपीएस से बात की और अपना परिचय दिया।
पुलिस अधिकारी से बातचीत होते ही फर्जी आईपीएस को अपनी पहचान उजागर होने का अंदेशा हो गया। उसने दोनों युवकों को कामा बिगहा जीटी रोड के पास उतार दिया और नगर थाना पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
पुलिस के सामने ही खुली फर्जी आईपीएस की पोल
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने जिले के सभी थानों को अलर्ट कर फर्जी आईपीएस की गिरफ्तारी का निर्देश दिया। पुलिस के अनुसार, वह स्कॉर्पियो से पलामू की ओर भाग रहा था। एरका चेकपोस्ट के पास पुलिस की चेकिंग देखकर वह वाहन छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस ने चालक पिंटू कुमार को पकड़ लिया और स्कॉर्पियो जब्त कर ली। वाहन के निबंधन की जांच में उसके मालिक का नाम संजय कुमार मिश्रा, निवासी रामकृष्णानगर, जकरियापुर, पटना दर्ज मिला है। निबंधन में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल बंद मिला।
एसपी ने बताया कि फर्जी आईपीएस समेत उसके साथ रहे अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है। आलोक और सुनील ने पुलिस को बताया कि फर्जी आईपीएस उन्हें मोबाइल से बात नहीं करने दे रहा था। दोनों को डराया-धमकाया गया और मारपीट भी की गई।
आरोप है कि नगर थाना के एक दारोगा को भी वह मोबाइल से किसी से बात नहीं करने दे रहा था। पुलिस अब फर्जी आईपीएस की पहचान, उसके नेटवर्क और पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
