विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Bihar Politics: 3 दलों की राह से गुजरते हुए RJD के दरबार पहुंचे अशोक, अब तेजस्वी के साथ सियासी पारी का आगाज

Published: Sun, 04 Oct 2026 06:24 PM (IST)

रफीगंज के पूर्व जदयू विधायक अशोक कुमार सिंह अब राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए हैं।

तेजस्वी यादव के बगल में बैठे अशोक सिंह। (जागरण)

तेजस्वी यादव के बगल में बैठे अशोक सिंह। (जागरण)

HighLights

  1. पूर्व जदयू विधायक अशोक सिंह राजद में हुए शामिल।

  2. तेजस्वी यादव की मौजूदगी में ली राजद की सदस्यता।

  3. रफीगंज के पूर्व विधायक ने बदली अपनी राजनीतिक राह।

सनोज पांडेय, औरंगाबाद। कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले रफीगंज के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने अब राष्ट्रीय जनता दल का दामन थाम लिया है।

रविवार को गांधी मैदान में आयोजित मिलन समारोह में उन्होंने राजद की सदस्यता ग्रहण की। तेजस्वी यादव की मौजूदगी में राजद में शामिल होते ही समर्थकों ने अशोक सिंह जिंदाबाद के नारे लगाए।

तेजस्वी के पहुंचने से कार्यक्रम में युवाओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखा। अशोक के राजद में जाने को वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद जदयू से उनकी बढ़ी दूरी के रूप में देखा जा रहा है।

विधानसभा चुनाव में जदयू ने रफीगंज से उन्हें टिकट नहीं दिया था। पार्टी ने 2020 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दूसरे स्थान पर रहे प्रमोद कुमार सिंह को मैदान में उतारा।

प्रमोद ने चुनाव जीतकर रफीगंज में जदयू का परचम कायम रखा। टिकट नहीं मिलने से नाराज अशोक ने चुनाव तो नहीं लड़ा, लेकिन पार्टी प्रत्याशी के विरोध में खुलकर खड़े हो गए थे। इसके बाद जदयू ने उन्हें दल से बाहर कर दिया था।

पिता भी रहे विधायक, राजनीति विरासत में मिली

रफीगंज प्रखंड के बलवंत बिगहा गांव निवासी अशोक कुमार सिंह को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता रामाधार सिंह 1990 में गया जिले के गुरुआ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक चुने गए थे। लालू प्रसाद के करीबी होने के कारण उन्हें निगरानी समिति का चेयरमैन बनाया गया था।

अशोक ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत 2005 के फरवरी विधानसभा चुनाव में लोजपा के टिकट से रफीगंज से की। नवंबर 2005 में हुए चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे, लेकिन करीब दो हजार मतों तक सिमट गए।

जदयू ने दिया विधायक बनने का मौका

2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान अशोक जदयू में शामिल हुए। वर्ष 2010 में पार्टी ने उन्हें रफीगंज से विधानसभा का टिकट दिया और उन्होंने जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा की दहलीज पार की।

2015 में भी जदयू के टिकट पर विधायक बने। हालांकि, 2020 का चुनाव उनके लिए निराशाजनक रहा। जदयू के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के बावजूद वह तीसरे स्थान पर रहे।

राजद के मो. नेहालुद्दीन ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद पार्टी ने उन्हें औरंगाबाद जदयू का जिलाध्यक्ष बनाया।

अब राजद में नई राजनीतिक जमीन तलाशेंगे

2025 में टिकट नहीं मिलने और पार्टी प्रत्याशी के विरोध के बाद जदयू से बाहर हुए अशोक सिंह ने अब राजद में नई राजनीतिक जमीन तलाशनी शुरू कर दी है।

हालांकि, आगे वह राजद में कितने समय तक रहेंगे और आगामी चुनाव में किस विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतरेंगे, यह भविष्य के गर्भ में है।

फिलहाल गांधी मैदान के मंच से राजद में उनकी एंट्री ने जिले की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। तेजस्वी यादव की मौजूदगी में समर्थकों का उत्साह और नारेबाजी यह संकेत दे रही थी कि अशोक सिंह राजद में अपनी नई सियासी पारी को लेकर उत्साहित हैं।

यह भी पढ़ें- जदयू के पूर्व विधायक अशोक सिंह राजद में शामिल, तेजस्वी बोले- बिहार में वोट चोरी से बनी फर्जी सरकार