भखरुआं मोड़ पर घनी आबादी है। यह प्रमुख व्यवसायिक इलाका है। चारों पथों में दिनभर आवागमन होते रहता है। सड़क पर ऑटो और ठेला लगने से जाम की समस्या उत्पन्न होती है, जिससे आमलोगों को परेशानी होती है। भखरुआं मोड़ पर चारों पथों में कहीं पर भी पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। सड़क पर व्याप्त अतिक्रमण की समस्या है। दाउदनगर अनुमंडल मुख्यालय के भखरुआं मोड़ से अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को एसडीओ तनय सुलतानिया एवं सीओ स्नेहलता देवी ने भखरुआं मोड़ का निरीक्षण करते हुए मुआयना किया। एसडीओ के निर्देश पर सीओ ने राजस्व कर्मचारी को आदेश दिया है कि भखरुआं बाजार रोड से नहर पुल से भखरुआं मोड़ एवं अनुमंडल कार्यालय परिसर तक सड़क पर अतिक्रमण की वीडियोग्राफी कराते हुए दुकानदारों की सूची तैयार कर कार्यालय में जमा करें, ताकि संबंधित दुकानदारों को नोटिस दिया जा सके। सूत्रों ने बताया कि एसडीओ ने सीओ को आदेश दिया है कि भखरुआं मोड़ से बस एवं ऑटो स्टैंड को हटाकर बाजार समिति परिसर में शिफ्ट की जाएग। एक तरफ जहां राजस्व कर्मचारी को वीडियोग्राफी एवं सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है तो दूसरी तरफ भखरुआं मोड़ से बस स्टैंड एवं ऑटो स्टैंड हटाने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीओ ने बताया कि जिन्हें फुटपाथी दुकानदारों को भखरुआं मोड़ से हटाया जाएगा, उनके लिए जगह चिन्हित किया जा रहा है। कहने को देहाती क्षेत्र पर बड़े-बड़े मॉल

दर्जा देहाती क्षेत्र का है पर यहां मॉल भी मिलेंगे तो कई वाहनों के शोरूम भी। होटल, बड़े-बड़े शोरूम, दिन भर आवागमन। सड़क पर कई जगह जाने वाले बस भी मिलेंगे वहीं ट्रैफिक भी। चौकिए नहीं यह दाउदनगर का भखरुआं मोडं है। भखरुआं मोड़ को शहर का ह्रदय स्थल बोला जाता है, लेकिन दुर्भाग्य से देहाती क्षेत्र में आता है। भखरुआं मोड़ नगर परिषद से बाहर तरारी ग्राम पंचायत का हिस्सा शहर के सबसे व्यस्त चौराहा। कितना दुर्भाग्य की बात है कि यह देहाती क्षेत्र में आता है जिस कारण शहर का नियम इस पर लागू नहीं होता। शहर में पॉलीथिन कैरी बैग इस्तेमाल करना प्रतिबंध है पर यहां कोई प्रतिबंध नहीं। वहीं मॉल खोलने का भी कोई माप दंड लागू नहीं है। सड़क पर ही होती है पार्किंग

कुछ शॉपिग मॉल हैं जिसके बाहर एक चार पाहिया वाहन खड़ा करने के लिए जगह नहीं है। इसके बाद भी उनमें एक साथ 50 से अधिक लोग खरीदारी करते हैं। इनके पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। कुछ के पास है भी तो वह मानकविहीन हैं। ग्राहक सड़कों पर वाहन खड़ी कर शॉपिग के लिए अंदर जाते हैं। बाहर सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है। लंबे समय खरीदारी करने के चलते कई लोगों के वाहन चोरी भी हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में मॉल संचालक वाहन रखवाली की जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं। अगल बगल के दुकानदार भी परेशान रहते हैं उनका कहना है कि बाइक सहित लगे रहने से उनके ग्राहक को आने में परेशानी होती है।हालांकि एक दो मॉल पार्किंग की व्यवस्था की हुई है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस