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    सावधान! औरंगाबाद में तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामले, अब तक 250 केस दर्ज, पुलिस के हाथ खाली

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 11:57 AM (IST)

    औरंगाबाद में साइबर अपराध के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे नागरिकों में डर का माहौल है। पुलिस के अनुसार, अब तक 250 मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस नागरिकों से ऑनलाइन लेनदेन करते समय सावधानी बरतने की अपील कर रही है।

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    औरंगाबाद में तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामले। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। जिले में साइबर अपराध गहरी चिंता का विषय बन गया है। हर दिन धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आ रही हैं। साइबर ठगों के जाल में फंसकर ग्राहक अपने बैंक खातों से लाखों रुपये गंवा रहे हैं। जनवरी से अब तक साइबर थाना में 105 से अधिक मामले की प्राथमिकी कराई गई है, जबकि नगर थाना से लेकर अन्य सभी थानों में 150 से अधिक प्राथमिकी पीड़ितों द्वारा कराई गई है।

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    स्थिति यह है कि एक मामला सुलझे, उससे पहले ही पुलिस के सामने दूसरा मामला आ जाता है। साइबर धोखाधड़ी के शिकार बनने वालों में अधिकारी, शिक्षक, पुलिसकर्मी से लेकर आम नागरिक तक शामिल हैं। ठगी की राशि भी मामूली नहीं, बल्कि कई-कई मामलों में दस-दस लाख रुपये तक लोगों के खाते साफ कर दिए गए।

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस गति से साइबर अपराध बढ़ रहा है, अगर इसे रोकने में पुलिस विफल रही, तो ग्राहकों के लिए बैंक खाते में राशि सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। उनके अनुसार अभी तक पुलिस न तो साइबर ठगों के नेटवर्क को तोड़ पाई है और न ही साइबर ठगों की गिरफ्तारी कर पा रही है।

    शहर के न्यू एरिया निवासी बब्लू कुमार सिंह के अनुसार एटीएम कार्ड बदलकर राशि निकासी की अधिक घटना हो रही है। बताया कि शहर के अधिकतर एटीएम बिना गार्ड के लावारिस हालत में चल रहे हैं। साइबर ठग पहले ही मशीन में तकनीकी छेड़छाड़ कर वहां मौजूद रहते हैं।

    ग्राहक जैसे ही एटीएम में कार्ड डालते हैं, मशीन कार्ड को जाम कर देती है। मौके का फायदा उठाकर ठग मदद के नाम पर ग्राहक का कार्ड बदल लेते हैं और खाते से राशि निकाल लेते हैं। कई ठग एटीएम के अंदर नकली हेल्पलाइन नंबर चिपकाकर भी ग्राहकों को जाल में फंसा लेते हैं।

    जिले में हाल के गंभीर मामलों पर नजर डालें तो देव के कटैया गांव निवासी अभिषेक कुमार से सात जून 2025 को वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 10 लाख की ठगी की गई। हसपुरा के पीरु गांव निवासी शिक्षक व बीएलओ रामस्वरूप प्रसाद से जिला निर्वाचन कार्यालय से फोन करने का बहाना बनाकर पांच लाख 34 हजार रुपये निकाले गए।

    17 अक्टूबर को गायत्री नगर निवासी विकास कुमार से 37 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है, जबकि श्रीकृष्ण नगर के सौरभ कुमार से आठ लाख 26 हजार रुपये की ठगी की गई है।

    पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह 

    साइबर थाना पुलिस का कहना है कि ठगी की घटना होते ही तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें। समय रहते शिकायत मिलने पर ठगी गई राशि को होल्ड करा दिया जाता है और राशि पीड़ित के खाते में वापस कराई जाती है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान लिंक, काल और एटीएम पर मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों से सावधान रहें और किसी भी परिस्थिति में अपने बैंक विवरण साझा न करें। अपना एटीएम दूसरे को न दें।