दीपावली पर खरीदें इलेक्ट्रिक गाड़ी, बिहार सरकार देगी 1 लाख तक की सब्सिडी
बिहार सरकार ने 'मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना' शुरू की है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी।

दीपावली पर खरीदें इलेक्ट्रिक गाड़ी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर 1 लाख तक की सब्सिडी।
मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना।
प्रदूषण नियंत्रण और रोजगार सृजन का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने, वायु प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना लागू की है।
इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और उसका निबंधन कराने पर वाहन मालिकों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके तहत वाहन खरीदने वाले लोगों को 31 मार्च 2027 तक निर्धारित शर्तों के अनुसार सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
जिला परिवहन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर अलग-अलग श्रेणियों में प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है।
60 हजार रुपये प्रति वाहन अनुदान
इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग के लाभुकों को 50 हजार रुपये, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को 60 हजार रुपये प्रति वाहन अनुदान दिए जाएंगे।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग के लाभुकों को 10 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को 12 हजार रुपये प्रति वाहन प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
महिलाओं को 12 हजार रुपये का अनुदान
महिलाओं के लिए भी दोपहिया वाहन पर 12 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, महिलाओं को इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन खरीदने पर एक लाख रुपये प्रति वाहन प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
बताया गया कि योजना का लाभ लेने के लिए वाहन का क्रय और निबंधन 15 मई 2026 के बाद होना अनिवार्य है। केवल इलेक्ट्रिक वाहन (पीइवी) ही सब्सिडी के पात्र होंगे। हाइब्रिड वाहनों पर अनुदान नहीं मिलेगा। वाहन का निबंधन और अन्य दस्तावेज वैध होने चाहिए।
वाहन मालिक को पहले किसी अन्य योजना, विशेषकर बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2023 के तहत सब्सिडी का लाभ नहीं मिला होना चाहिए। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को संबंधित जाति प्रमाणपत्र देना होगा।
पहले आवेदन करने वालों को प्राथमिकता
प्रोत्साहन राशि का भुगतान पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद गूगल शीट के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी। मोटर यान निरीक्षक (एमवीआइ) आवेदनों में दिए गए विवरण, वाहन के प्रकार, निबंधन और दस्तावेजों की जांच करेंगे।
इसके बाद जिला परिवहन पदाधिकारी सत्यापित आवेदनों की जांच कर अनुमोदन देंगे। आवेदन में दी गई जानकारी सही और पूर्ण होना आवश्यक है। सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण और रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करना है।
जिले में है 8412 वाहन
जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 8612 है। इसमें कार से लेकर बाइक और टेंपो शामिल है। बताया गया कि हर दिन इलेक्ट्रिक वाहनों का निबंधन होता है। जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार जिले में एनएच-139 पर चार्जिंग स्टेशन खोलने का प्रस्ताव है।
