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पहले पत्नी के नाम लिखवाई जमीन, फिर पिलाया जहर; औरंगाबाद में मामा के हत्यारे भांजे को उम्रकैद

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:17 PM (IST)

औरंगाबाद में जमीन विवाद में मामा की हत्या करने वाले अभियुक्त सुरेंद्र मेहता को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई ...और पढ़ें

औरंगाबाद में मामा के हत्यारे भांजे को उम्रकैद (प्रतीकात्मक तस्वीर)

औरंगाबाद में मामा के हत्यारे भांजे को उम्रकैद (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. जमीन विवाद में मामा की हत्या करने वाले को उम्रकैद।

  2. औरंगाबाद कोर्ट ने अभियुक्त सुरेंद्र मेहता को सुनाई सजा।

  3. जहर देकर हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया।

जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। जमीन के लालच में मामा की हत्या करने वाले अभियुक्त को अदालत ने गुरुवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने सलैया थाना कांड संख्या 29/09, एसटीआर 78ए/2013 एवं 125/21 में सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त सुरेंद्र मेहता को भादंवि की धारा 302 में उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

धारा 328 में पांच वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि रफीगंज थाना क्षेत्र के सलेमपुर टोला पाचू बिगहा गांव निवासी सुरेंद्र मेहता को अदालत ने सात सितंबर 2026 को दोषी करार दिया था।

मामले के एक अन्य अभियुक्त सूर्यकांत महतो को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के दौरान अभियुक्त की पत्नी की मृत्यु हो गई थी।

पत्नी के नाम जमीन लिखवाने के बाद रची साजिश

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही के अनुसार, मामले में प्राथमिकी मदनपुर थाना क्षेत्र के भगवान बिगहा गांव निवासी सूचक महेंद्र महतो ने सात नवंबर 2009 को प्राथमिकी कराई थी।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि उनके मामा राजाराम महतो की हत्या सुरेंद्र मेहता, सूर्यकांत महतो और श्रीकांति देवी ने मिलकर जहर पिलाकर की थी। प्राथमिकी के अनुसार, राजाराम महतो की जमीन सुरेंद्र ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के नाम लिखवा ली थी।

इसके बाद घटना की जानकारी किसी को नहीं हो, इसके लिए राजाराम को छेदी महतो के सलैया स्थित घर में छिपाकर रखा गया। वहीं कथित तौर पर उन्हें जहर पिलाया गया। हत्या के बाद शव को घर के पास स्थित शिशम के बगीचे में रखकर आरोपित फरार हो गया।

शव मिलने के बाद स्वजन पहुंचे थाने

राजाराम की मौत की जानकारी मिलने पर स्वजन मौके पर पहुंचे। शव को देखकर पुलिस को लिखित सूचना दी गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू की। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा।

अभियोजन ने अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपना पक्ष रखा। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सुरेंद्र मेहता को हत्या और जहर देने के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।