औरंगाबाद। नवीनगर में बिहार सरकार एवं एनटीपीसी के संयुक्त उपक्रम से बन रही नवीनगर पावर जेनरे¨टग कंपनी (एनपीजीसी) बिजली परियोजना का प्रथम यूनिट बिजली उत्पादन के लिए तैयार है। बिजली उत्पादन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मात्र 10 से 12 एकड़ जमीन अधिग्रहण के विवाद में परियोजना से बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है। दरअसल बिजली उत्पाद को लेकर कोयला लाने के लिए रेल लाइन का निर्माण करना है। परियोजना से निकलने वाली राख के लिए यार्ड बनाना है। रेल लाइन एवं यार्ड के लिए करीब 10 से 12 एकड़ जमीन अधिग्रहण करना है जो अबतक नहीं हो पाया है। अगर यह जमीन अधिग्रहण हो जाएगी तो रेल लाइन का निर्माण दिसंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। यार्ड का निर्माण कराया जाएगा। जब रेल लाइन से परियोजना को कोयला उपलब्ध होने लगेगी तो प्रथम यूनिट से 660 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरु हो जाएगा। पहली यूनिट से उत्पादन शुरू होगा तो छह- छह माह के अंतराल पर दूसरी एवं तीसरी यूनिट से 660-660 मेगावाट का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। बताया गया कि रेल लाइन एवं राख की यार्ड के लिए जैसे ही जमीन अधिग्रहण हो जाएगी और परियोजना प्रबंधन के द्वारा निर्माण पूरा कर लिया जाएगा उद्घाटन की तिथि निर्धारित की जाएगी। संभावना बताई गई कि लोकसभा चुनाव का आचार संहिता लगने के पहले जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा परियोजना का उद्घाटन किया जाएगा। पीएम के द्वारा एक ही दिन एनपीजीसी एवं इस परियोजना के पास बन रही दूसरी बीआरबीसीएल बिजली परियोजना का उद्घाटन करने की संभावना है। इसके लिए एनटीपीसी मुख्यालय नई दिल्ली के द्वारा बात तय की गई है। एनपीजीसी देश की बड़ी बिजली परियोजना में शामिल है। परियोजना के प्रथम चरण के तीन यूनिट से 1980 मेगावाट बिजली उत्पादन होना है। जब तीनों यूनिट से बिजली उत्पादन प्रारंभ होगा तो दूसरे चरण में परियोजना के तीन और अतिरिक्त यूनिट से 2400 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। एनपीजीसी से उत्पादित बिजली 75 प्रतिशत बिहार सरकार को मिलनी है। 25 प्रतिशत बिजली दूसरे राज्य को जाएगी। यह परियोजना 2070 एकड़ में करीब 16 हजार करोड़ से बन रही है। बीआरबीसीएल परियोजना से 1000 मेगावाट बिजली उत्पादन होना है। इस परियोजना से 90 प्रतिशत बिजली भारतीय रेल एवं 10 प्रतिशत राज्य सरकार को मिलेगी। इस परियोजना की दो यूनिट से 500 मेगावाट उत्पादन शुरु हो गया है। एनपीजीसी के जीएम एमएस यादव ने बताया कि रेल लाइन एवं राख की यार्ड के लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं होने से परियोजना से बिजली उत्पादन शुरु नहीं हो रहा है। परियोजना की पहली यूनिट बिजली उत्पादन के लिए बनकर तैयार है।

एनपीजीसी एवं बीआरबीसीएल के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला लगभग पूरी कर ली गई है। एनपीजीसी के लिए जो करीब 10-12 एकड़ जमीन अधिग्रहण करना है उसके लिए बुधवार को परियोजना की बैठक में एडीएम एवं अन्य अधिकारियों को आदेश दी गई है। शीघ्र ही जमीन का अधिग्रहण कर परियोजना को सौंप दी जाएगी।

राहुल रंजन महिवाल, डीएम

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