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बेंगलुरु से इंजीनियरिंग की पढ़ाई, फिर चुनी देशसेवा की राह; लेफ्टिनेंट बनकर औरंगाबाद लौटे अमित तो बहन ने उतारी आरती

Published: Mon, 07 Sep 2026 08:47 AM (IST)

औरंगाबाद के दाउदनगर निवासी अमित कुमार ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया ...और पढ़ें

लेफ्टिनेंट बनकर गांव आने पर अमित का स्वागत करते ग्रामीण। जागरण

लेफ्टिनेंट बनकर गांव आने पर अमित का स्वागत करते ग्रामीण। जागरण

HighLights

  1. अमित कुमार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने, परिवार-क्षेत्र गौरवान्वित।

  2. इंजीनियरिंग के बाद पिता की प्रेरणा से सैन्य सेवा चुनी।

  3. उमरचक में भव्य स्वागत, युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने।

संवाद सूत्र, दाउदनगर (औरंगाबाद)। कड़ी मेहनत, अनुशासन और देशसेवा के जज्बे के बल पर उमरचक निवासी अमित कुमार ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

सैन्य अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करने के बाद पहली बार पैतृक आवास लौटे अमित के स्वागत में पूरा उमरचक क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंग गया। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पूर्व सैनिक संघ के सदस्यों ने एनएच-139 पर उनका भव्य स्वागत किया।

अमित के पहुंचते ही लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और देशसेवा के लिए उनके जज्बे की सराहना की। घर पहुंचने पर बहन ने आरती उतारकर भाई का स्वागत किया।

इसके बाद परिजनों ने केक काटकर उनकी सफलता का जश्न मनाया। इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ आसपास के लोगों में भी खुशी का माहौल रहा।

इंजीनियरिंग के बाद चुनी देशसेवा की राह

अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने बेंगलुरु से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए भारतीय सेना में जाने का निर्णय लिया।

उनके पिता सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर मनोज कुमार सिंह भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पिता से मिली प्रेरणा ने अमित को सैन्य सेवा के लिए आगे बढ़ने का हौसला दिया।

सैन्य परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अमित ने 24 सितंबर 2025 से गया स्थित सैन्य प्रशिक्षण अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया। कठिन सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन मिला।

लेफ्टिनेंट बनने के बाद जब वह अपने गांव लौटे तो ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने इसे अपनी उपलब्धि मानते हुए उनका जोरदार स्वागत किया।

बेटे को उसी वर्दी में देख भावुक हुए पिता

अमित के पिता मनोज कुमार सिंह बेटे को सैन्य वर्दी में देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जिस वर्दी को उन्होंने अपने सेवाकाल में वर्षों तक पहना, आज उसी वर्दी में अपने बेटे को देखना उनके जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण है। उन्होंने कहा कि बेटे ने उनकी उम्मीदों को पूरा करते हुए परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।

युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत

स्वागत समारोह में पूर्व सैनिक संघ के अनुमंडल अध्यक्ष जनेश्वर सिंह, राजद प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह, युवा राजद नेता अजीत यादव, कांग्रेस के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष आरपी यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।

वक्ताओं ने कहा कि अमित कुमार की सफलता पूरे औरंगाबाद जिले के लिए गौरव की बात है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को सेना में जाने और देशसेवा के लिए प्रेरित करेगी।

अमित ने युवाओं से कहा कि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत की जाए तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं है। उन्होंने युवाओं को अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और असफलताओं से निराश न होने का संदेश दिया।

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