औरंगाबाद। एनटीपीसी एवं भारतीय रेलवे के संयुक्त उपक्रम से बन रही बीआरबीसीएल बिजली परियोजना के तीसरी यूनिट से 250 मेगावाट बिजली का उत्पादन का 31 जनवरी के पूर्व शुरू हो जाएगी। चौथी यूनिट से बिजली का उत्पादन दिसंबर 2019 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस शिव कुमार ने बताया कि प्रथम एवं दूसरे यूनिट से 250-250 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। परियोजना से उत्पादित बिजली को नेशनल ग्रिड के माध्यम से मुंबई सेंट्रल रेलवे को दिया जा रहा है। बीआरबीसीएल परियोजना को बिजली उत्पादन के लिए प्रतिदिन 10 हजार 800 टन कोयला की खपत के साथ प्रति घंटा 2000 क्यूबिक मीटर पानी का खपत हो रहा है। कोयला आपूर्ति के लिए नवीनगर रोड रेलवे स्टेशन से परियोजना तक रेल कॉरिडोर का निर्माण कर लिया गया है। प्रारंभ में परियोजना की कुल लागत 5300 करोड़ थी। जो विलंब होने के कारण 8000 करोड़ रुपये हो चुका है। बिजली उत्पादन में हिस्सेदारी के अनुसार 90 प्रतिशत रेलवे तथा 10 प्रतिशत बिहार सरकार को दिया जाना है। बताया कि चौथे यूनिट के उत्पादन तक लगभग 9000 करोड़ रुपये की लागत लगने की संभावना है। कुल 1525 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक हम लोगों को 1400 एकड़ जमीन ही उपलब्ध हो पाया है। संपूर्ण भूमि का अधिग्रहण नहीं होने के कारण परियोजना का चारदीवारी का निर्माण नहीं हो सका है।

Posted By: Jagran

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