अरवल। समाहरणालय के सभा कक्ष में बुधवार को खुले में शौच से मुक्ति के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए ओडीएफ मिशन के निदेशक सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बाला मुरूगन डी ने कहा कि मार्च 2018 तक जिले को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टीम भावना के साथ काम करने के लिए जिलास्तरीय पदाधिकारियों को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। उन्होने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह जिला निर्धारित समय पर निश्चय ही खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा। परियोजना निदेशक ने कहा कि रोहतास जिला सूबे का पहला जिला है जो शीघ्र ही ओडीएफ घोषित होने वाला है। देश में 196 जिला अबतक ओडीएफ घोषित हो चुका है। उन्होने कहा कि बिहार में 32 फीसद, उड़ीसा में 45, झारखंड में 50, पश्चिम बंगाल में 90 फीसद घरों में शौचालय बन चुका है। ओडीएफ के मामले मे यह राज्य अभी सबसे पीछे है। अरवल जिला ओडीएफ के मामले मे ं बिहार में 14वें स्थान पर है।

बैठक में कलेर के बीडीओ ने कहा कि 24जनवरी 2018 तक कलेर को ओडीएफ कर दिया जाएगा। जिले का पहला पंचायत बेलांव को ओडीएफ किया जा चुका है। इसपर मिशन के निदेशक ने कहा कि इस कार्य को जन आंदोलन का रूप देना है। यह छोटा जिला है इसे ओडीएफ करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होने कहा कि जीविका दीदीओं के सहयोग से राज्य शराब मुक्त हुआ। अब पुरा राज्य उनके सहयोग से ओडीएफ होगा। जो व्यक्ति सामर्थवान हैं वे अपने घरों में शौचालय बनाएं। उन्होने यह भी कहा कि वार्ड के खुले में शौच से मुक्त होने के दो दिनों के अंदर हर हाल में लाभुको के खाते में राशि पहुंचना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएम आलोक रंजन घोष ने कहा कि जिले को ओडीएफ करने के लिए योजनावद्ध एवं टीम भावना के साथ कार्य कराया जा रहा है। प्रतिदिन प्रत्येक पंचायतों में दो-दो शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। जिले में 89 हजार शौचालय बनाना है। बैठक में मिशन के निदेशक ने क्रमवार सभी प्रखंडो से शौचालय निर्माण का फीडबैक लेते हुए आवश्यक निर्देश दिया। बैठक में सभी जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ ही बीडीओ, सीओ एवं सीडीपीओ उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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