82 नलकूप में 26 ही चालू, पानी के बिना खेत प्यासे

अरवल : लघु सिंचाई विभाग और नाबार्ड योजना से जिले में 82 नलकूप खेतों में सिंचाई की बेहतर व्यवस्था के लिए लगाए गए थे। लेकिन अब ये सरकारी नलकूप हाथी के दांत बने हुए हैं। 56 नलकूप यांत्रिक खराबी के चलते बंद हैं। वहीं दूसरी तरफ नलकूपों से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली नालियां ही नही हैं। बदहाल स्थिति में पहुंच चुके इन सरकारी नलकूपों से किसानों को पानी मिलना, इस तरह के सुखाड़ के समय भी मुश्किल बना है। जबकि जिला प्रशासन वर्षों से नलकूपों को दुरुस्त कराने की बात कह रहा है। एक ओर सरकार खेतों की सिंचाई के लिए खेतों तक बिजली पहुंचा रही है। ताकि किसान कम लागत में बिजली से अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें। वहीं दूसरी ओर सिंचाई के लिए दशकों पहले जिले के कई गांवों में लाखो रुपये खर्च कर सरकारी नलकूप स्थापित कराये गए थे, लेकिन अधिकांश सरकारी नलकूप बदहाल हैं। सरकार द्वारा दशकों पूर्व स्थापित कराए गए सरकारी नलकूपों से किसानों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के सभी प्रखंडों में डेढ़ दशक से अधिक समय से नलकूप बंद पड़े हैं। किसान पंप सेट के सहारे खेती करने को मजबूर हैं। हजारों एकड़ खेतों की सिंचाई किसान अपने निजी संसाधनों से करते हैं। जिले में राज्य सरकार द्वारा 42 नलकूप लगाए गए थे, जिसमें 27 नलकूप खराब हैं। 15 नलकूप ही चालू स्थिति में है। नाबार्ड योजना के द्वारा जिले में 40 नलकूप लगाए गए थे, जिसमें 11 नलकूप ही चालू हैं। अधिकांश नलकूप के मोटर और स्टार्टर जल गए हैं। कुछ नलकूप के मोटर कुएं में गिर गए हैं। कहीं बिजली नहीं है तो कहीं पानी जाने के लिए नली ही नहीं है। कई दर्जन गांवों में स्थापित यह नलकूप यांत्रिक व तकनीकी खराबी के चलते वर्षों से बंद पड़े हैं। इन नलकूपों से खेत तक पानी पहुंचाने वाली नालियां भी जीर्ण-शीर्ण दशा में पहुंच गई है। क्षेत्रीय किसान ललन पंडित, सुरेन्द्र शर्मा, परमेश्वर सिंह, गौतम वर्मा आदि ने बताया कि सरकारी नलकूप 10 वर्षों से खराब होने से किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए तमाम दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। तमाम सरकारी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति खराब है। यांत्रिक खराबी के चलते भी यह नलकूप किसानों की मुसीबत का सबब बन गए हैं।

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कोट-

पिछले वर्ष नलकूप के मेंटेनेंस के लिए राशि विभाग में आई थी, जिससे 26 नलकूप को चालू करा दिया गया है। विभाग के वरीय अधिकारी को पत्र भेजा गया है राशि आते ही सभी नलकूपों को चालू करा दिया जाएगा।

हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग

Edited By: Jagran

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