Malmas Mela 2026: मधुश्रवा धाम में 3 साल बाद लगेगा मलमास मेला, भगवान श्रीराम ने भी यहां किया था स्नान
अरवल के मधुश्रवा धाम में तीन साल बाद 17 मई से 15 जून तक प्रसिद्ध मलमास मेला आयोजित होगा, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं।

मलमास मेला 2026
HighLights
मलमास मेला 17 मई से 15 जून तक मधुश्रवा धाम में।
भगवान राम ने भी यहां स्नान कर जलाभिषेक किया था।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था।
संवाद सहयोगी, कलेर (अरवल)। जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले मधुश्रवा धाम में आयोजित होने वाला प्रसिद्ध मलमास मेला इस वर्ष 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। तीन वर्ष के अंतराल पर लगने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर मंदिर प्रबंधन समिति एवं प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है।
मेले में बिहार सहित झारखंड, उत्तर प्रदेश, बंगाल समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मलमास के दौरान मधुश्रवा धाम स्थित पवित्र सरोवर में स्नान और भगवान मधुश्रवेश्वर नाथ पर जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है।
तालाब एवं सरोवर की विशेष साफ-सफाई
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इस अवधि में स्नान, दान एवं पूजा-अर्चना करने से पापों से मुक्ति मिलती है तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता को देखते हुए मंदिर परिसर स्थित तालाब एवं सरोवर की विशेष साफ-सफाई कराई गई है।
घाटों की मरम्मत और आसपास के क्षेत्रों की सफाई भी की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस धाम का संबंध महर्षि च्यवन ऋषि से जुड़ा हुआ है।
भगवान श्रीराम ने भी किया था स्नान
कहा जाता है कि भगवान श्रीराम ने भी गया में पिंडदान के दौरान यहां स्नान कर भगवान मधुश्रवेश्वर नाथ का जलाभिषेक किया था। इसी कारण यह स्थल श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है।
मंदिर के महंत अखिलेश्वर भारती ने बताया कि पुरुषोत्तम एकादशी एवं पूर्णिमा के दिन स्नान और पूजा का विशेष महत्व है। इन तिथियों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा भाव से स्नान एवं पूजा करने पर अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
मनोरंजन के लिए कई आकर्षक खेलों की व्यवस्था
मेला परिसर में अब रौनक बढ़ने लगी है। झूला, नाव, ब्रेक डांस, चरखा, मीना बाजार सहित विभिन्न खेल-तमाशों एवं मनोरंजन के साधनों का सामान पहुंचने लगा है। बाहर से आए व्यवसायी और कारीगर अपने-अपने स्टॉल लगाने में जुट गए हैं। बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए कई आकर्षक खेलों की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं कपड़े, खिलौने, जूते-चप्पल, मनिहारी एवं खानपान की दुकानों से पूरा मेला क्षेत्र गुलजार रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर पेयजल, प्रकाश, स्वास्थ्य शिविर, साफ-सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मेले में पुलिस बल की तैनाती और भीड़ नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की जाएगी। मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
