अरवल : जम्मू कश्मीर में प्रवासी बिहारी कामगारों की हत्या के विरोध में भाकपा माले ने प्रतिवाद मार्च निकाला। मार्च के उपरांत केंद्र सरकार का पुतला भी दहन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोएब आलम ने की।

विधायक महानंद सिंह ने कहा कि बिहारी कामगारों की लगातार हो रही हत्या बेहद चिता का विषय है। इसके लिए केंद्र और बिहार की सरकार जिम्मेदार है। केंद्र सरकार द्वारा धारा 370 को खत्म करने के बाद वहां की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होते जा रही है। सरकार जनता को सुरक्षा प्रदान करने में असफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य से बाहर काम कर रहे बिहार के लोगों पर यह कोई नया हमला नहीं है। ऐसे हमले लगातार होते रहते हैं। कोविड काल में हमने प्रवासी कामगारों की दुर्दशा देखी है। प्रदेश सरकार ने रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था लेकिन इसमें वे पूरी तरह विफल हो गए हैं। रोजगार की सुरक्षा को लेकर एक राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने की मांग लंबे समय से होते रही है। सरकार ने अब तक इस मांग को अनसुना कर दिया है। सरकार द्वारा मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की गई है जो अपर्याप्त है। उन्होंने आश्रित परिवारों को 20 लाख रुपये एवं सरकारी नौकरी की मांग की है। इस मौके पर विजय यादव, मनोज यादव, अशोक कुमार ,बीरबल सिंह, शाहफराज सहित कई लोग उपस्थित थे।

नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद सड़क पर बह रहा पानी :

कुर्था को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के बावजूद स्थानीय बाजार की तस्वीर नहीं बदली।

बाजार की मुख्य सड़क गंदगी के अंबार से पटा हुआ। पैदल चलने वाले राहगीरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत के कर्मी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों की समस्या जस की तस बनी हुई है।

नगर पंचायत द्वारा स्थानीय बाजार के देवी स्थान मोड़ से लेकर कुर्था थाना तक एक ओर सड़क के किनारे करहा बना दिया गया है। सड़क पर बह रहे नाले की पानी से मुक्ति तो मिली है लेकिन पूरी तरह सड़क पर नाली के पानी बहना बंद नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा सड़क के किनारे नाली निर्माण नहीं कर करहा बना दिया गया है। उसको पक्कीकरण कर दिया जाता तो इसका स्थाई निदान मिल जाता। ऐसा नहीं कर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। बाजार में साफ-सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

Edited By: Jagran