अरवल। स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 436 मामले का निष्पादन किया गया। इस अदालत में बैंक ऋण से संबंधित 333 मामले निष्पादित हुए जबकि 62 सुलहनीय अपराधिक के साथ बीएसएनएल से 14 मामलों का निष्पादन हुआ।

इस बात की जानकारी देते हुए

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी धनंजय कुमार ¨सह ने बताया कि 333 मामले में विभिन्न बैंकों ने एक करोड़ 19 लाख 25 हजार 567 रुपए का समझौता किया जिसमें 18 लाख तीन हजार 578 रुपए जमा हुए। पीएनबी के सात शाखाओं द्वारा 81 ऋण धारकों से समझौता किया गया। समझौते में 36 लाख 66 हजार चार सौ रुपए के विरुद्ध 5 लाख 38 हजार एक सौ रुपए जमा कराए गए। इसी प्रकार मध्य बिहार ग्रामीण बैंक ने 163 ऋण धारकों से 59 लाख 68 हजार 3 सौ रुपए के समझौते के विरुद्ध नौ लाख 25 हजार सात सौ रुपए जमा कराए गए। एसबीआई में छह मामले में पांच लाख 84 हजार का समझौता हुआ जिसमें 49 हजार रुपया जमा कराया। बैंक ऑफ बडौदा में तीन मामले में 47 हजार का समझौता कर 35 सौ जमा कराया। इलाहाबाद कोहरौल बैंक ने दो मामले में 50 हजार का समझौता कर 3 सौ रुपए तथा यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया कुर्था ने एक मामले में 10,हजार के विरुद्ध 10हजार रुपए जमा कराया। दूसरी ओर 62 सुलहनीय अपराधिक मामले का आपसी समझौते के तहत निष्पादन कराया गया जबकि बीएसएनएल में 14 मामले में 88 हजार चार सौ आठ रुपए का समझौता कर 88 हजार 408 रुपए जमा कराया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में दाखिल खारिज से संबंधित 27 मामले सुलह के आधार पर निष्पादित किए गए। इस अदालत की सफलता को ले छह पीठ का गठन किया गया था। इसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के अलावा अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम अरुण कुमार, अपर न्यायिक दंडाधिकारी चतुर्थ केके चौधरी, अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी माधवेंद्र ¨सह, मुंसिफ राकेश कुमार राकेश, न्यायिक दंडाधिकारी आशीष कुमार अग्निहोत्री शामिल थे। सभी न्यायिक अधिकारी अपने-अपने बेंच के न्यायिक पीठासीन पदाधिकारी के रूप में मामले का निष्पादन करा रहे थे।

Posted By: Jagran