अरवल । जिलाधिकारी सतीश कुमार ¨सह की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा के तहत सहायक निदेशक प्रदीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री निशक्तता विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के तहत वैसे दिव्यांग व्यक्ति को लाभांवित कराना है जो 40 फीसद या इससे ज्यादा दिव्यांग हैं। पति-पत्नी दो में से एक के दिव्यांग होने पर एक लाख तथा दोनों को दिव्यांग होने पर दो लाख की प्रोत्साहन राशि तीन वर्ष के अवधी तक जमा किया जाता है। तीन वर्ष के बाद ही इस राशि की निकासी कर उपयोग किया जाएगा। अब तक एक आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसे स्वीकृत कर दिया गया है।

अंतर्जातिय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत एक लाख अनुदान राशि दिया जाना है। इसके लिए भी एक आवेदन अब तक प्राप्त हुआ है। उक्त दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर लाभांवित हो सकें। पेंशन योजना के तहत बताया गया कि इस जिले में कुल 52 हजार 629 लोगों को पेंशन दिया जाना है, जिसमें से अबतक 52 हजार 142 लोगों का बैंक खाता खुल गया है। इसमें से 50 हजार 809 लोगों की स्वीकृति के तहत 50 हजार 706 लोगों को लाभान्वित कराया जा रहा है। शेष सभी लोगों का भी खाता खोलकर लाभान्वित कराने का निर्देश दिया गया।

उद्योग विभाग की समीक्षा के तहत महाप्रबंधक वरूण कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लक्ष्य आठ के तहत अब तक पांच लाभुकों का चयन कर लिया गया है। इसमें से दो का एकरारनामा कर एक व्यक्ति को पशु निवास के लिए 6.76 लाख तथा दूसरे व्यक्ति को पेपर पतल उद्योग के लिए 9.35 लाख की राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। पांचों लोगों को प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। डीएम द्वारा शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन कर लिया गया है। इसके तहत प्राप्त 60 आवेदकों में से 41 का चयन कर संबंधित बैंक में आवेदन भेज दिया गया है। कल्याण विभाग की समीक्षा के तहत वर्ष 2017-18 की राशि का त्वरित गति से वितरित करने का निर्देश दिया गया।

जिला पंचायत राज पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि अब तक निर्मित 10 पंचायत भवनों में बिजली कनेक्शन के लिए इसकी सूची विद्युत विभाग को भेज दिया जाय तथा फॉर्म भर कर राशि भी जामा कर दिया जाए ताकि सभी कार्य ठीक से सम्पन्न हो सके। पर्याप्त मात्रा में फर्नीचर की व्यवस्था के साथ नल के जल की भी व्यवस्था कर लेनी है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि जो टीम का गठन किया गया है, इसके द्वारा बराबर जांच होते रहना चाहिए कि राशन का वितरण सही ढंग से हो रहा है या नहीं। इस विभाग के अलावा शिक्षा, भवन, ¨सचाई आदि विभागों की भी समीक्षा की गई तथा उचित दिशा निर्देश दिया गया। अगले बैठक में बैंको से संबंधित लंबित सभी मामलों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त राजेश कुमार, अपर समाहर्ता संजीव कुमार सिन्हा, निदेशक डीआरडीए के साथ अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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